मुजफ्फरनगर में किसान पवन हत्याकांड में चार दोषी करार, 13 को सुनाई जाएगी सजा
मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 12 साल पुराने किसान पवन कुमार हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। इन दोषियों को 13 अगस्त को सजा सुनाई जाए ...और पढ़ें

किसान पवन हत्याकांड में चार दोषी करार।
HighLights
मुजफ्फरनगर कोर्ट ने पवन हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी ठहराया।
दोषियों को 13 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।
कुख्यात विपुल खूनी पुलिस मुठभेड़ में पहले ही मारा गया।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। शामली के गांव भभीसा में 12 साल पहले हुए किसान पवन कुमार हत्याकांड में अपर सत्र एवं जिला न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने चार आराेपितों को दोषी ठहराया है। एक आरोपित की पत्रावली वर्ष 2024 से अलग कर दी गई थी, उस पर सुनवाई विचाराधीन है।
वहीं, हत्या में नामजद किया गया कुख्यात विपुल खूनी बागपत में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा जा चुका है। न्यायालय ने दोषियों के विरुद्ध सजा के प्रश्न पर 13 अगस्त को सुनवाई की तिथि नियत की है। दोष सिद्ध होने के बाद आरोपितों को जिला कारागार में निरुद्ध किया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि 14 जुलाई 2014 को शामली के थाना कांधला में गांव भभीसा निवासी किसान अशोक कुमार ने दर्ज कराए मुकदमे में बताया था कि उसके छोटे भाई पवन कुमार के पुत्र आशु का झूठा नाम कुख्यात बदमाश विपुल खूनी की मां ने लिखवा दिया था। इसको लेकर आशु ने विरोध जताया था।
इस बात से कुख्यात बदमाश विपुल खूनी व उसका परिवार रंजिश रखता था। 14 जुलाई को सुबह लगभग 10.45 बजे अपने मकान में अखबार पढ़ रहा था, तभी कार सवार सात लोग दो राइफल, बंदूक और कट्टा लेकर उसके घर में घुस आए। बदमाशों ने सीधे पूछा कि आशु ढक्कन कहां है...इतना बोलकर गोली चला दी।
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गोली उसके हाथ में लगी तो शोर मचाने पर उसका छोटा भाई पवन कुमार दौड़कर मौके पर आया। बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। उसकी पत्नी नीलम, भाभी सोहनवीरी ने कमरे में घुसकर जान बचाई।
इस मुकदमे में रामवीर पुत्र सुखवीर निवासी पीरखेड़ा, थाना झिंझाना शामली, राजीव उर्फ छोटू पुत्र सोनू, अमित पुत्र सत्यप्रकाश निवासी रामनगर, बड़ौत, बागपत, राहुल उर्फ बोसी पुत्र जयपाल, कुख्यात बदमाश विपुल खूनी पुत्र नेत्रपाल निवासी गांव भभीसा तथा हरेन्द्र पुत्र धीर गांव कंजर खेड़ी, बाबरी को नामजद किया गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद कई बदमाशों को मुठभेड़ में पकड़ा था। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल किया था। पिछले 12 वर्ष से न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। गुरुवार को न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने रामवीर, राजीव उर्फ छोटू, राहुल उर्फ बोसी और हरेंद्र को हत्या के मामले में दोषी ठहराया।
वहीं, एक आरोपित अमित की एक मार्च 2024 को पत्रावली अलग कर दी गई थी। इस आरोपित को आर्म्स एक्ट में दोषी ठहराया है। इन सभी आरोपितों को 13 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।
मुठभेड़ में मारा जा चुका कुख्यात विपुल खूनी
पवन हत्याकांड में नामजद कुख्यात विपुल खूनी कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर था। उस पर हत्या, लूट एंव डकैती आदि के 18 से अधिक मुकदमे थे। बदमाश को 26 जुलाई को एसटीएफ मेरठ एवं बागपत पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। यह मुकदमा विचाराधीन था।
कुख्यात विपुल जमानत पर जेल से बाहर आया था, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। मुठभेड़ से पूर्व कुख्यात ने मुकदमे के वादी अशोक से मुकदमे में खर्च हुए रुपये मांगे थे। रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद कुख्यात पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था।