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    मुजफ्फरनगर में 27 साल पुराने फिरौती अपहरण-हत्या मामले में एक दोषी करार, 12 अगस्त को सुनाई जाएगी सजा

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 01:17 AM (IST)

    मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 27 साल पुराने फिरौती के लिए अपहरण और हत्या के मामले में एक बदमाश को दोषी करार दिया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 27 साल पुराने अपहरण और हत्या मामले में दोषी।

    2. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बदमाश शाहनवाज को दोषी ठहराया।

    3. फिरौती के लिए तीन युवकों का अपहरण किया गया था।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 27 साल पुराने फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के मामले में एक बदमाश को दोषी ठहराया है। बदमाश ने अपने साथियों के संग मिलकर तीन युवकों का अपहरण किया था। इसके बाद एक युवक को रुपये लाने के लिए छोड़ दिया था, लेकिन उसके पिता को बंधक बना लिया था। उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। दोषी को 12 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।

    यह है पूरा मामला

    सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि नौ दिसंबर 1999 को छपार के तेजलहेड़ा निवासी मोहम्मद आबाद ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि वह और उसका चचेरा भाई हारुन व मुकर्रम ट्रैक्टर-ट्राली में पापुलर लादकर हरिद्वार के जमनानगर बेचने जा रहे थे।

    रात आठ बजे गांव के पास रजवाहे पर तीन बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली रुकवाकर हारुन व मुकर्रम का तमंचों के बल पर अपहरण कर लिया। आबाद ने गांव में अपहरण की सूचना दी थी। 

    दो दिन बाद मुकर्रम वापस आया और उसने बताया कि भोपा के सीकरी-भोकरहेड़ी के जंगल में बदमाशों को चकमा देकर भाग आया, लेकिन हारुन उनके कब्जे में है।

    कुछ दिन बाद हारुन के पिता सालिम के पास बदमाशों ने चिट्ठी भेजकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगते हुए रुपये पतरी थाना क्षेत्र के लाट गांव के जंगल में मंगाए थे।

    19 जनवरी 2000 को हारुन के पिता सालिम, इल्माश व मुस्ताक ट्रैक्टर लेकर लाट के जंगल में गए थे। वहां बदमाशों ने हारुन को रुपयों का इंतजाम करने के लिए छोड़ दिया था, लेकिन उसके पिता सालिम को बंधक बना लिया था।

    एडीजीसी ने बताया कि बदमाशों ने 25 जनवरी 2000 को सालिम की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। छपार पुलिस ने विवेचना के बाद बदमाश शाहनवाज निवासी गांव धना, छपार को गिरफ्तार किया था।

    उसके विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन ने मामले में सात गवाह पेश किए। इनमें चश्मदीद गवाही आबाद व मुकर्रम की रही। पिछले 26 साल से मुकदमा विचाराधीन था।

    बुधवार को न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद आरोपित शाहनवाज को फिरौती के लिए अपहरण व हत्या के मामले का दोषी ठहराया है। शाहनवाज फिलहाल जेल में है। एडीजीसी को दोषी शाहनवाज का आपराधिक रिकार्ड सजा सुनाने से पहले न्यायालय में मंगवाने के आदेश दिए हैं।

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