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मुजफ्फरनगर में गवाह पेश न होने से लटक रही एनडीपीसी एक्ट की पत्रावली, कोर्ट ने जताई चिंता

Updated: Thu, 20 Aug 2026 11:48 PM (IST)

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 ने एनडीपीएस एक्ट के मुकदमों में गवाहों के पेश न होने और धीमी पैरवी पर नाराजगी जताई है। न्यायाधीश ने डीएम, एसएसपी और एडीजी को पत्र लिखकर गवाहों को प्रस्तुत कराने और मुकदमों की पैरवी तेज करने के आदेश दिए हैं।

गवाही से लटक रही एनडीपीसी एक्ट की पत्रावली।

गवाही से लटक रही एनडीपीसी एक्ट की पत्रावली।

HighLights

  1. फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 ने एनडीपीएस मामलों पर जताई चिंता।

  2. गवाहों की गैरमौजूदगी और धीमी पैरवी पर नाराजगी व्यक्त की।

  3. डीएम, एसएसपी, एडीजी को गवाह पेश करने के निर्देश।

जागरण संवददाता, मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश ने मुकदमों की पैरवी की गति धीमी होने पर नाराजगी जताई है। एनडीपीएस एक्ट के मुकदमों में गवाहों को पेश न करने पर चिंता जाहिर की है। कहा कि इस तरह के अधिकांश मुकदमों का हाल यही है।

एडीजीसी साक्ष्य के रूप में गवाह प्रस्तुत करने में रुचि नहीं रखते हैं। इसको लेकर डीएम, एसएसपी और एडीजी को पत्र लिखकर मुकदमों की पैरवी एवं गवाहों को पेश कराने के आदेश दिए हैं।

नगर कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2023 में सरवट की सैफी कॉलोनी निवासी नसाद उर्फ सोना, विसार अहमद को 1100 एल्प्राजोलाम की गोलियों के साथ पकड़ा था।

छपार पुलिस ने वर्ष 2019 में कल्लू को दो किलो डोडा पोस्ट के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं जून 2020 में नगर कोतवाली में किदवईनगर निवासी नदीम को 540 एलप्रासेफ की गाेलियां बरामद कर पकड़ा था।

इसके अलावा खतौली, नगर कोतवाली और फुगाना थाना पुलिस ने भी कई आरोपितों को नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ गिरफ्तार किए थे। न्यायालय में इन पत्रावलियों पर सुनवाई चल रही है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने इन मुकदमों में गवाह पेश नहीं करने पर चिंता जताई है।

साथ ही विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार एवं भूपेन्द्र सिंह द्वारा बयान दर्ज न कराने को लेकर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि इन मुकदमों में गवाह पुलिस वाले हैं, जिन्हें बुलाना आम गवाहों के अपेक्षाकृत बहुत आसान होता है। एडीजीसी द्वारा गवाहों के कैलेंडर तक नहीं बनाए गए हैं। अभियोजन की ओर से साक्ष्य करवाने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है, जो कि अत्यंत चिंताजनक है।

न्यायाधीश ने डीएम, एसएसपी और एडीजी मेरठ जोन को पत्र भेजकर गवाहों को प्रस्तुत कराने तथा इन मुकदमों की पैरवी कराने के आदेश दिए हैं। वहीं, इस मामले में विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार एवं भूपेन्द्र सिंह का कहना है कि उन्हें इस आदेश के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।

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