गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के मुआवजे को किसानों ने बताया नाकाफी, धरने का किया ऐलान
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन सेवक ने गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे को लेकर किसान पंचायत की। किसानों ने मौजूदा सर्किल रे ...और पढ़ें

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मुजफ्फरनगर के मंगनपुर में किसान पंचायत, बाजार भाव के अनुरूप मांगा मुआवजा
24 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की घोषणा।
संवाद सूत्र, चरथावल (मुजफ्फरनगर)। मंगनपुर गांव में भारतीय किसान यूनियन सेवक के बैनर तले किसान पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम ने किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण पर दिए जा रहे मुआवजे को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई।
ठाकुर दीपक सोम ने कहा कि सरकार जिस सर्किल रेट के आधार पर किसानों की भूमि का मुआवजा देना चाहती है, वह वर्तमान बाजार मूल्य से काफी कम है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपजाऊ जमीन का उचित मूल्य मिलने तक कम दर पर मुआवजा स्वीकार नहीं करेंगे और न ही जमीन देने को तैयार होंगे।
पंचायत में निर्णय लिया गया कि इस मांग को लेकर 24 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों से बड़ी संख्या में धरने में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया।
आठ गुणा मुआवजा दिए जाने की मांग
भाकियू ब्लाक अध्यक्ष संजय त्यागी ने कहा कि एक्सप्रेसवे परियोजना में जिन किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जा रही है, उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सर्किल रेट बढ़ाने की नहीं, बल्कि मौजूदा सर्किल रेट का आठ गुणा मुआवजा दिए जाने की मांग करनी चाहिए।
हमारे क्षेत्र के अधिकांश किसान खेती पर निर्भर हैं और जिन किसानों की जमीन जाएगी, वे दूसरी कृषि भूमि ही खरीदेंगे। यदि सर्किल रेट बढ़ा दिया जाएगा तो नई जमीन खरीदना भी महंगा हो जाएगा, जिससे किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों को ऐसा मुआवजा दिया जाए, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका जारी रख सकें।
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खादर के किसानों ने मुआवजा बताया नाकाफी
पुरकाजी: पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होते ही पुरकाजी क्षेत्र के किसानों में बेचैनी बढ़ गई है। परियोजना के तहत क्षेत्र के 14 गांवों की कृषि भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। किसानों का कहना है कि सर्किल रेट बहुत कम है और मुआवजा नाकाफी है।
उन्होंने सरकार से सर्किल रेट का आठ गुणा मुआवजा, अंडरपास और सर्विस रोड की मांग की है। अधिग्रहण में शामिल गांवों में फलौदा, अब्दुलपुर, भोजाहेड़ी, मिर्जापुर, जमालपुर, हुसैनपुर, बैकुंटपुर खेड़की, पांचली, फरकपुर, राजकल्लापुर, झबरपुर, गोधना, बहलोलपुर और खाईखेड़ी शामिल हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद से ही गांवों में इसको लेकर चर्चा तेज है।
किसानों का कहना है कि खादर क्षेत्र में जमीन का सर्किल मूल्य अन्य क्षेत्रों की तुलना में बहुत कम निर्धारित है। इस दर पर मिलने वाली धनराशि से किसान दूसरी जगह कृषि के लिए जमीन नहीं खरीद पाएंगे।
भू-स्वामियों ने कहा कि वे इस संबंध में अपनी आपत्ति भी दर्ज कराएंगे। किसानों ने कहा कि एक्सप्रेस-वे से यातायात सुगम होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, लेकिन जब तक किसानों को अंडरपास और चौराहों पर कट की सुविधा नहीं मिलेगी, तब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। किसानों ने सरकार से परियोजना में अंडरपास की व्यवस्था करने की मांग की है।