मुजफ्फरनगर में मूसलधार बरसात से जनजीवन प्रभावित, कई गांवों का जिले से संपर्क कटा, खादर में बाढ़ की आशंका
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर में मूसलधार बारिश से ग्रामीण अंचलों में भारी नुकसान हुआ है, कई मकानों की छतें गिरीं और लाखों का सामान बर्बाद हो गया। शु ...और पढ़ें

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मुजफ्फरनगर में भारी बारिश से कई मकानों को नुकसान।
शुकतीर्थ समेत कई गांवों में जलभराव, संपर्क मार्ग कटे।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। बरसात से ग्रामीण अंचल में भारी नुकसान हुआ है। कई ग्रामीणों की मकानों की छत गिर गई। घर का सामान मलबे में दबने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, गांवों का संपर्क शेष जिले से कट गया है।
तालाब ओवरफ्लो होने के चलते गंदा पानी गांवों और घरों में घुस गया है। तीर्थनगरी शुकतीर्थ में जल निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने से हनुमतधान समेत धार्मिक स्थलों में पानी भर गया। वहीं, खादर क्षेत्र में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।
शुकतीर्थ में दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा ने नगरी की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बरसाती पानी की निकासी का कोई समुचित प्रबंध न होने के कारण नगरी के मंदिरों, कालोनियों और मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया। हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर लोगों के घरों और धार्मिक स्थलों तक पानी पहुंच गया है, जबकि बाण गंगा का बढ़ता जलस्तर भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है।
वहीं, दुर्गा धाम और शिव धाम कालोनी में भी जलभराव हो गया है। कालोनियों की गलियां और संपर्क मार्ग पानी से लबालब हैं, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। शुकतीर्थ के मुख्य गंगा घाट मार्ग पर भी कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया है। तीर्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है।
महामंडलेश्वर गोपाल दास महाराज का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी जलनिकासी व्यवस्था आज तक विकसित नहीं की गई। इसी क्रम में गंगा तट पर सीएनडीएस द्वारा निर्माणाधीन आरती स्थल भी पानी में डूब गया है। गंगा के खादर क्षेत्र में रहने वाले किसानों और परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है।
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बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई लोग अपने घरों से आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो खादर क्षेत्र में बाढ़ आ सकती है। श्री दंडी आश्रम के प्रबंधक मनोहरलाल शर्मा का कहना है कि शुकतीर्थ धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नगरी है, लेकिन बरसात के दिनों में यहां जलनिकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, शुकतीर्थ खादर क्षेत्र में बरसात के मौसम और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा ने नायब तहसीलदार अजय कुमार एवं राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गांव मजलिसपुर तोफिर का निरीक्षण किया। सोलानी नदी के पुल का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए पुल पर तत्काल बाढ़ चौकी स्थापित करने के निर्देश दिए।
छपार में रास्ते पर बहने लगा नाला
छपार में बरसात के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया। झमाझम बरसात का पानी हाईवे से लेकर गांव की गलियों तक भर गया। हाईवे पर खुड्डा वाली मस्जिद के सामने स्थित नाले की पुलिया सफाई न होने के कारण पूरी तरह से अट गई। जलभराव के चलते ग्रामीण घरों से बाहर निकल कर हाईवे पर पुलिया के पास एकत्र हो गए और नाले की सफाई में लग गए।
भाकियू कार्यकर्ता शहजाद त्यागी, मुसर्रफ त्यागी, मोनू, मुरसलीन आदि ने बताया कि एनएचएआइ के द्वारा पिछले कई वर्षों से पुलिया व सड़क किनारे बने नालों की सफाई नहीं कराई गई है। एनएचएआइ के साइट इंजीनियर अक्षय त्यागी का कहना है कि बरसात के रुकते ही पुलिया व नाले की सफाई करा दी जाएगी।
भुवापुर में मकान गिरने से दहशत, भूमि का कटान
ककरौली के गांव भुवापुर में तेज बरसात के बीच जंगल का पानी गांव की ओर चला आया जिससे खेतों की भूमि का भारी कटान हुआ है तथा एक मकान गिर गया। भुवापुर के निवर्तमान प्रधान प्रीतम सिंह ने बताया कि कल्याण सिंह पुत्र मेहर सिंह चौहान का मकान गिर गया है। घर का सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। गांव के ही रोहताश व धर्मपाल चौकीदार की कृषि भूमि का कटान भी हुआ है।
जड़ौदा से मोलाहेड़ी संपर्क मार्ग बहा, मकान की छत गिरी
मंसूरपुर में भारी बरसात के कारण काली नदी का जलस्तर बढ़ने से जड़ौदा से मोलाहेड़ी जाने वाले संपर्क मार्ग का कुछ हिस्सा बह गया। इससे गांव के लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मार्ग अवागमन के साथ ही खेतों पर जाने का मुख्य मार्ग है। अत्यधिक बरसात के कारण पास से ही गुजर रही काली नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। अब ग्रामीणों को अपने खेतों तक जाने के लिए गांव लच्छेड़ा को होकर जाना पड़ेगा। फसलों में तीन फीट से ज्यादा पानी भरा है।
ग्राम पंचायत हुसैनपुर बोपाड़ा में गुरुवार को भारी बरसात के बीच एक मकान की कच्ची छत भरभराकर गिर गई। हादसे से पहले ही पड़ोसी ने घर में मौजूद सदस्यों को अवगत करा दिया था। इससे गनीमत रही कि सभी सदस्य सुरक्षित बच गए। वहीं, दो अन्य घरों की दीवारें गिरने से भी क्षति हुई है। गांव हुसैनपुर बोपाड़ा में इस्लाम पुत्र बशीर के मकान की कच्ची छत सुबह करीब सात बजे भरभराकर गिर गई। मकान में एक ही कमरा था जिसकी छत लोहे के गर्डर पर बांस बिछाकर उसके ऊपर मिट्टी डालकर तैयार की गई थी।
सुबह बरसात होने के कारण परिवार के सभी छह सदस्य उसी कमरे के अंदर मौजूद थे। गनीमत रही कि छत गिरने से पहले ही पड़ोसी शबीला को इसका आभास हो गया और उसने घर में मौजूद सभी सदस्यों को अवगत करा दिया। इससे सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। लेकिन, कमरे में रखा सामान मलबे में दब गया। उधर, इस्लाम के पड़ोसी शौकीन व शबीला के मकान के एक हिस्से की दीवार गिर गई। ग्रामीणों ने पीड़ित को आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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जानसठ तहसील व सीएचसी में भरा पानी
जानसठ में गली मुहल्लों और सड़कों पर पानी भर गया। तहसील और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी भरने से वह तालाब में तब्दील हो गए।
मकान की छत गिरी, महिला घायल
बुढ़ाना के गांव बिटावदा में कड़ियों की छत गिरने से महिला घायल हो गई। सनाया पत्नी यामीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को घटना की सूचना दी है। गांव अलीपुर अटेरना में गांव के बीच स्थित तालाब लबालब भर गया और ओवरफ्लो होकर इसका पानी गांव की गलियों में बहने लगा। ग्रामीणों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गांव लोई में भी पानी की निकासी न होने से जलभराव हुआ। कस्बे के कांधला मार्ग पर स्ट्रीट लाइट के पोल के पास की मिट्टी बहने से गहरा गड्ढा हो गया।
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वर्षा से मकान की दीवार गिरी
खतौली के पमनावली गांव में त्रिदेव पुत्र प्रेमसिंह के मकान की दीवार भरभरा कर गिर गई। साथ ही मकान की अन्य दीवारों में दरार पड़ गई। दीवार के मलबे में दबकर सामान क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, रतनपुरी क्षेत्र के गांव चंदसीना में तालाब के ओवरफ्लो होने से उसका पानी सड़क भर गया। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। लोगों ने ग्राम प्रधान पर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं कराए जाने का आरोप लगाया है।
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धमात में भरभराकर गिरी मकान की छत, बच्चा चोटिल
पुरकाजी के गांव धमात निवासी शकील पुत्र रसीद ने बताया कि वह रात के समय अपने मकान में सो रहा था। मकान पर कच्ची छत डाली हुई थी। बुधवार रात करीब तीन बजे बरसात के पानी से छत भरभराकर गिर गई। परिवार के लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। हालांकि एक बच्चा अलतमश चपेट में आने से घायल हो गया।