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    नाम सुरक्षा का, काम करोड़ों के मिट्टी खेल का... और बाढ़ के मुहाने पर खादर

    By Rajendra Singh Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 05 Jul 2026 04:34 PM (IST)

    मुजफ्फरनगर में गंगा तटबंध की सुरक्षा के लिए बन रही ठोकरों में ग्रामीणों ने मिट्टी भरने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों के काम में अन ...और पढ़ें

    रामराज के गांव अहमदवाला के निकट तटबंध में कटान रोकने को बनाई जा रही पत्थरों की ठोकर के बीच में भरी मिट्टी व मौके पर खडी पोकलैंड मशीन। जागरण

    रामराज के गांव अहमदवाला के निकट तटबंध में कटान रोकने को बनाई जा रही पत्थरों की ठोकर के बीच में भरी मिट्टी व मौके पर खडी पोकलैंड मशीन। जागरण

    HighLights

    1. गंगा तटबंध की सुरक्षा पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल।

    2. करोड़ों की ठोकरों में मिट्टी भरने का आरोप लगाया।

    3. सिंचाई विभाग ने आरोप निराधार, काम मानक अनुसार।

    जागरण संवाददाता, रामराज (मुजफ्फरनगर)। मानसून की आहट के साथ ही गंगा के रौद्र रूप से बचाव के लिए सिंचाई विभाग पर मध्य गंगा बैराज से मेरठ सीमा तक 16.5 किलोमीटर लंबे तटबंध की सुरक्षा का जिम्मा है। बैराज से हंसावाला तक सात किमी के संवेदनशील क्षेत्र में विभाग ने तीन नई ठोकरें बनवाने और एक की मरम्मत का दावा किया है, लेकिन सुरक्षा की इन मीनारों की हकीकत ग्रामीणों की नींद उड़ाने का काम कर रही है।

    सिंचाई विभाग के अनुसार, प्रति ठोकर पर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। मौके पर पोकलैंड मशीनें चल रही हैं, मगर हकीकत कुछ और ही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठोकरों के भीतर पत्थरों के मजबूत ‘कोर’ के बजाय केवल मिट्टी भरी जा रही है।

    हंसावाला के निवर्तमान प्रधान मदन चौहान का कहना है कि जिस तरह से ठोकरों के बीच में मिट्टी भरी जा रही है, उससे तटबंध की सुरक्षा नहीं, बल्कि आने वाली तबाही का निमंत्रण है। बरसात में गंगा का वेग बढ़ते ही मिट्टी बह जाएगी और भारी पत्थर नीचे धंस जाएंगे।

    लालपुर रहडवा के किसान जसपाल सिंह और चुहापुर के पूर्व प्रधान विक्रांत का कहना है, हर साल मानसून से पहले कागजों पर करोड़ों की मरम्मत दिखाई जाती है, जो हर साल गंगा में बह जाती है, ताकि अगले साल फिर से टेंडर का खेल खेला जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध की मरम्मत में उपयोग की जा रही रेतीली मिट्टी में नाममात्र का भी स्थायित्व नहीं है।

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    निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार ही किया जा रहा काम
    सिंचाई विभाग के एसडीओ वीके पांडेय ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि समस्त कार्य निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार ही किया जा रहा है।

    तटबंध की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है
    सिंचाई विभाग ने जो टेंडर दिया है उसको मानकों के अनुसार ही पूरा किया जा रहा होगा। ग्रामीणों को बिल्कुल चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। तटबंध की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है।-अनिरुद्ध प्रताप सिंह, एडीएम वित एवं राजस्व मुजफ्फरनगर