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    'सुशील मूंछ को मिला है राजनैतिक संरक्षण, इसलिए पुलिस की पकड़ से बाहर'; कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर की टिप्पणी

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 12:22 AM (IST)

    न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट मामले में भगोड़े एक लाख के इनामी सुशील मूंछ को तीन साल से पेश न कर पाने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की है। ...और पढ़ें

    कुख्यात बदमाश सुशील उर्फ मूंछ

    कुख्यात बदमाश सुशील उर्फ मूंछ

    HighLights

    1. न्यायालय ने सुशील मूंछ को पेश न करने पर पुलिस को फटकारा।

    2. कुख्यात बदमाश को स्थानीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने का आरोप।

    3. अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी को न्यायालय ने पत्र भेजा।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। गैंग्सटर एक्ट के मामले में भगोड़ा घाेषित एक लाख के इनामी कुख्यात सुशील मूंछ को पुलिस न्यायालय के समक्ष पेश नहीं कर सकी है। इतना ही नहीं तीन साल से उसे नोटिस तामिला तक नहीं कराया जा सका है।

    पुलिस की कार्य प्रणाली को लेकर न्यायालय ने टिप्पणी की है। कहा कि कुख्यात बदमाश देश से बाहर बताया जा रहा है, उसे स्थानीय राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। इसलिए पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा है। इसको लेकर न्यायालय ने अपर मुख्य सचिव गृह समेत डीजीपी को भी पत्र भेजा है। जिससे राज्य सरकार द्वारा की गई अपील का निस्तारण किया जा सके।

    गुरुवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर के न्यायालय में कुख्यात सुशील मूंछ के प्रकरण को लेकर सुनवाई की गई। पुलिस कुख्यात को न्यायालय के समक्ष पेश नहीं कर सकी है। सुनवाई के दौरान रतनपुरी थाने के आरक्षी नरेश कुमार ने विभागीय कार्रवाई का जवाब दाखिल किया।

    न्यायालय को बताया कि वह कुख्यात के मकान पर गया और गांव के संभ्रान्त व्यक्तियों ने बताया उक्त कुख्यात परिवार सहित गांव छोड कर चला गया है। पैतृक संपत्ति न्यायालय के आदेश पर कुर्क हो चुकी है, उसके घर पर कुर्क नोटिस बोर्ड लगा है। न्यायालय ने कहा कि अपील की तिथि से लगभग तीन वर्ष व्यतीत होने के पश्चात भी कुख्यात सुशील उर्फ मूंछ पर पुलिस नोटिस का तामिला नहीं करवा सकी है।

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    न्यायालय के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि आरोपित सुशील उर्फ मूंछ देश छोड़कर कहीं बाहर चला गया है। आरोपित कुख्यात मूंछ को स्थानीय राजनैतिक संरक्षण भी प्राप्त है। जिस कारण से वह पुलिस की पकड में नहीं आ रहा है। मूंछ एक शातिर अपराधी है, इसलिए पुलिस के द्वारा नोटिस तामिला के बाबत मात्र कागजी खानापूरी की गई है तथा उसे गंभीरता से खोजने का प्रयास नहीं किया गया है।

    उसके दो बेटों पर गैंग्सटर एक्ट में कार्रवाई की गई है, उसके बावजूद भी पुलिस उसे नोटिस की तामिला नहीं करा सकी है। न्यायालय ने साफ कहा कि पत्रावली को देखने से स्पष्ट है कि पुलिस उसे नोटिस तामिला करवाने में सक्षम नहीं है। इसको लेकर अपर मुख्य सचिव गृह उत्तर प्रदेश, शासन तथा डीजीपी को पत्र भेजा गया है। जिससे राज्य सरकार द्वारा दाखिल की गई अपील का शीघ्रतापूर्वक निस्तारण हो सके।

    टॉप-10 अपराधी है कुख्यात मूंछ

    कुख्यात सुशील उर्फ मूंछ को न्यायालय ने गैंग्सटर एक्ट के मामले में भगोड़ा घोषित कर रखा है। बदमाश जनपद का टॉप-10 अपराधी होने के साथ रतनपुरी थाने का हिस्ट्रीशीटर, प्रदेश स्तर के आइएस-199 गैंग का सरगना है।

    कुख्यात मूंछ के विरुद्ध उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान समेत दिल्ली में हत्या, लूट, हत्या के प्रयास समेत रंगदारी, अपहरण के 50 से अधिक मामले दर्ज हुए थे। इनमें कुछ मामलों में वह बरी हो चुका है। बदमाश को पुलिस तीन साल से न्यायालय में पेश नहीं कर पाई है।

    इस मामले में किया था आत्मसमर्पण

    भोपा पुलिस ने 26 फरवरी 2003 को शराब के ठेके से लाखों रुपये कीमत की हरियाणा मार्का अवैध शराब बरामद की थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो सेल्समैन को मौके से गिरफ्तार किया था।

    घटना के दो दिन बाद ही पुलिस ने गैंग चार्ट बनाकर सुशील उर्फ मूंछ, मोरना के ब्लाक प्रमुख अनिल राठी समेत कई लोगों के विरुद्ध गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई की थी। इस मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी होने पर कुख्यात बदमाश सुशील मूंछ ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।

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