मुजफ्फरनगर में ग्रामीणों ने किया गांव छोड़ने का ऐलान, पलायन के लगाए पोस्टर; पुलिस अलर्ट मोड पर
मुजफ्फरनगर के भिक्की गांव में एक दर्जन से अधिक परिवारों ने उत्पीड़न से परेशान होकर गांव छोड़ने का ऐलान किया है और घरों पर 'पलायन' के पोस्टर लगाए हैं। ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
भिक्की गांव में परिवारों ने उत्पीड़न से तंग आकर पलायन की घोषणा की।
राजनीतिक दल के नेता पर उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाया गया।
पुलिस ने इसे कानूनी कार्रवाई से बचने का प्रयास बताया, पोस्टर हटाए जा रहे।
संवाद सूत्र, सिखेड़ा (मुजफ्फरनगर)। भिक्की गांव में उत्पीड़न से परेशान होकर एक दर्जन से अधिक परिवारों ने अपने घरों की दीवारों पर पलायन लिख गांव छोड़ने का एलान कर दिया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि खुद को एक राजनीतिक दल का नेता बताने वाले एक व्यक्ति और उसके परिवार द्वारा लगातार उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उधर, पुलिस अलर्ट मोड पर है।
भिक्की निवासी फैजान ने बताया कि बच्चों के बीच हुए एक मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। आरोप है कि पूर्व भाजपा नेता और उसके परिवार के लोगों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उनके ही परिवार के 18 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इनमें से छह लोगों को जेल भेजा था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
पीड़ित फैजान का कहना है कि जमानत के बाद भी उन्हें लगातार धमकाया और परेशान किया जा रहा है। पीड़ित परिवार की महिलाओं ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। विधवा महिला नफीसा ने कहा कि उनके बेटों को जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। रुकसाना ने बताया कि गांव में भय का माहौल इतना बढ़ चुका है कि अब वह खेतों में काम करने तक जाने से डरती हैं।
एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष के कुछ लोग घर में घुस आए और अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी दी कि यदि उसने किसी से शिकायत की तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। महिला का आरोप है कि उसे अपने पति को जेल से बाहर निकालने के लिए चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो मजबूरन गांव छोड़ना पड़ेगा। इस मामले को लेकर फिलहाल गांव भिक्की में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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सीओ मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि गांव भिक्की में दो पक्षों में मारपीट के मुकदमे दर्ज हैं। एक पक्ष ने जेल जाने और मुकदमों से बचने के लिए जानबूझकर अपने घरों पर पलायन के पोस्टर लगा दिए हैं। फिलहाल गांव में माहौल शांत है। पुलिस की ओर से पोस्टरों को हटवाया जा रहा है।