रणजी खिलाड़ी कैसे बना अंडरवर्ल्ड का शार्प शूटर? मुजफ्फरनगर में हुई मुठभेड़ में मारा गया सतपाल उर्फ सत्तू
मुजफ्फरनगर में हुई मुठभेड़ में मारा गया सतपाल उर्फ सत्तू पंजाब के लिए रणजी में खेल चुका था। बाद में वह दुर्दांत अपराधी बन गया और छोटा राजन गिरोह से जु ...और पढ़ें

सांकेतिक फोटो व सतपाल उर्फ सत्तू का फाइल फोटो
HighLights
सतपाल वर्ष 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम का वार्ड पार्षद भी बना।
लुधियाना, मेरठ, सहारनपुर व मुजफ्फरनगर पुलिस को थी तलाश।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। दुर्दांत अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू लगभग 30 वर्ष से हर तरह के अपराध करता आ रहा था। पंजाब की रणजी टीम से क्रिकेट खेलने वाला सतपाल काउंटी क्रिकेट में चयनित नहीं होने पर दुर्दांत अपराधी बन गया।
उस पर पहला मुकदमा चंडीगढ़ में वर्ष 2001 में सार्वजनिक स्थान पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का दर्ज हुआ था। उसके बाद लूट, हत्या समेत दुष्कर्म, रंगदारी मांगने की घटनाओं में शामिल रहा। वह मुंबई के डान छोटा राजन गिरोह के साथ जुड़कर उद्यमियों, व्यापारियों के अलावा लोगों से रंगदारी व उगाही करता था। लुधियाना से जमानत पर छूटने के बाद वह सेवानिवृत्त फौजी अनिकेत के नाम से पहचान बनाकर घूमता था।
युवराज सिंह के पिता पर भी किया था हमला
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि मुठभेड़ में ढेर हुआ सतपाल दुर्दांत अपराधी था। वर्ष 1996 में वह पंजाब की रणजी टीम में बतौर तेज गेंदबाज खेला था। एसपी सिटी ने बताया कि पता चला है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर भी सतपाल ने हमला किया था।
मुजफ्फरनगर के शार्प शूटरों के संपर्क में आया
काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए उससे किसी ने दो लाख रुपये मांगे तो उसने अपराध की राह पकड़ ली। जरायम की दुनिया में कदम रखने के बाद मुजफ्फरनगर के शार्प शूटरों के संपर्क में आया और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराध करना अपना शगल बना लिया। वर्ष 2010 में मेरठ में धागे से भरे ट्रक में डकैती करने में उसने अपनी पत्नी मोना के नाम से पंजीकृत कार का प्रयोग किया।
खबरें और भी
इस मामले में उसकी पत्नी मोना समेत साथी जेल गए थे। मेरठ के जिला कारागार में एक वर्ष बीतने के बाद उसे मुजफ्फरनगर जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया गया। यहां सतपाल वर्ष 2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर जिला कारागार में निरुद्ध रहा। उसके बाद पुन: मेरठ जिला कारागार में शिफ्ट हो गया।
पत्नी के प्रेमी की हत्या की
जिला कारागार में रहते हुए सतपाल ने कुछ जेल अधिकारियों को भी अपने प्रभाव में ले लिया था, जिस कारण उसे कई अपराधों में न्यायालयों से राहत भी मिली। मेरठ जिला कारागार में वर्ष 2024 तक रहा, उसके बाद जमानत पर छूटकर लुधियाना चला गया। मार्च 2024 के बाद घर पहुंचने पर पहली बार उसने स्मार्ट फोन चलाया तो उसमें पत्नी के प्रेमी संग अश्लील वीडियो और फोटो मिल गए।
यह भी पढ़ें- छोटा राजन गैंग का इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर, पंजाब की जेल से फरार होकर UP में दे रहा था वारदातों को अंजाम
इस पर सतपाल ने पत्नी के प्रेमी को कार में ले जाकर उसकी हत्या कर दी थी। तब लुधियाना पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया था। यहां छह फरवरी 2026 तक जेल में रहा। उससे पहले उसने पुलिस अधिकारियों का भरोसा जीतकर बीमारी का बहाना बनाया। तीन बार पंजाब के अस्पताल में भर्ती हुआ।
चौथी बार में उपचार के दौरान अभिरक्षा से फरार हो गया। तब से पंजाब, लुधियाना, मेरठ, सहारनपुर समेत मुजफ्फरनगर पुलिस उसकी तलाश में लगी थी।
चंडीगढ़ के मेयर पर किया था हमला
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि सतपाल वर्ष 2007 में चंडीगढ़ में नगर निगम के वार्ड राम दरबार से पार्षद बना था। राजनीति में करियर बनाने की चाहत थी, लेकिन मेयर के साथ उसकी बनती नहीं थी। बताते हैं कि उसने मेयर अनु चथरथ पर एक सभा के दौरान हमला भी किया था।
मेयर अनु चथरथ, पूर्व मेयर कमलेश व प्रदीप छाबड़ा को फोन पर धमकी दी थी। सतपाल ने उन्हें अपने दोस्त की पत्नी की सहायता करने के लिए कहा था और नहीं करने पर परिणाम भुगत धमकी दी थी। तब कुख्यात ने गैंग्सटर ओमप्रकाश सैनी बनकर धमकी थी। तब उसे मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया था।