13726 अग्निवीरों ने पास की 10 वीं व 12 वीं, अब उच्च शिक्षा की राह आसान
अग्निपथ योजना के तहत 13726 अग्निवीरों ने एनआईओएस के माध्यम से 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। ...और पढ़ें

HighLights
13726 अग्निवीरों ने 10वीं, 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।
एनआईओएस के माध्यम से उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त।
अग्निपथ योजना से शैक्षिक और व्यावसायिक अवसर बढ़े।
चेतना राठौर, नोएडा। देश की सेवा में समर्पित अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने के लिए सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी कक्षा की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा रही है। अग्निवीरों की भर्ती ऑनलाइन लिखित परीक्षा,शारीरिक फिटनेस टेस्ट और मेडिकल जांच के आधार पर होती है लेकिन 8 वीं या 10वी कक्षा उत्तीर्ण कर चुके युवा ही इसके लिए आवेदन करते हैं।
ऐसे में उनकी शैक्षणिक योग्यता कम होने के कारण अग्निवीरों को आगे की पढ़ाई कराने के लिए देशभर के 45 रेजिमेंटल केंद्रों ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) से एमओयू साइन किया है। जिसके तहत अग्निवीरों को आगे की स्कूली शिक्षा प्रदान की जा रही है।
2023 से 2026 तक 14 हजार अग्निवीर उत्तीर्ण
संस्थान से 2023 से 2026 तक 14 हजार अग्निवीर 10वीं और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं अब वह स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए आवेदन करने के लिए योग्य हैं। यह व्यवस्था उनके सैन्य जीवन के साथ-साथ भविष्य के शैक्षिक एवं व्यावसायिक अवसरों को भी सुरक्षित कर रही है। इससे चार साल की नौकरी के बाद अग्निवीर इंटरप्रेन्योर बनकर स्वयं को समाज में स्थापित कर सकेंगे।
बता दें कि अग्निवीर भारतीय सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना और वायु सेना) में अग्निपथ योजना के तहत युवाओं की भर्ती की एक अल्पकालिक सेवा प्रणाली है। इससे युवा अपने करियर को आर्मी में जल्द स्थापित कर पाते हैं। देशभर के रेजिमेंटल केंद्रों को एनआइओएस अध्ययन केंद्रों के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।
खबरें और भी
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) में रेजिमेंटल केंद्रों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मेजर जनरल तमोजीत बिस्वास उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं को केवल शारीरिक एवं मानसिक रूप से ही नहीं, बल्कि शैक्षिक रूप से भी सशक्त बनाती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्तित्व निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा यह एक ऐसी अमूल्य निधि है जो जीवनभर व्यक्ति के साथ रहती है। एनआइओएस के निदेशक प्रो. अखिलेश मिश्र ने कहा कि अग्निपथ योजना केवल सैन्य भर्ती की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासित, आत्मनिर्भर, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार करने की एक दूरदर्शी राष्ट्रीय पहल है।
चार साल में 10 वीं में 367 अग्निवीर हुए उत्तीर्ण
| लेवल | सत्र | थल सेना | नौ सेना | वायु सेना |
|---|---|---|---|---|
| 10 वीं कक्षा | 2023–24 | 61 | 0 | 0 |
| 10 वीं कक्षा | 2024–25 | 145 | 0 | 0 |
| 10 वीं कक्षा | 2025–26 | 131 | 0 | 0 |
| 10 वीं कक्षा | 2026–27 | 30 | 0 | 0 |
| कुल | 367 | 0 | 0 | |
चार साल में 12 वीं में 13359 अग्निवीर हुए उत्तीर्ण
| लेवल | सत्र | थल सेना | नौ सेना | वायु सेना |
|---|---|---|---|---|
| 12 वीं कक्षा | 2023–24 | 1494 | 0 | 5 |
| 12 वीं कक्षा | 2024–25 | 5102 | 36 | 2 |
| 12 वीं कक्षा | 2025–26 | 5837 | 1 | 0 |
| 12 वीं कक्षा | 2026–27 | 882 | 0 | 0 |
| कुल | 13315 | 37 | 7 | |