ग्रेटर नोएडा में जन्मदिन की मिठाई खाकर दादी-पौत्र पड़े बीमार, खाद्य विभाग की रिपोर्ट के बाद होगा हलुवाई पर एक्शन
ग्रेटर नोएडा के दनकौर में मिलावटी मिठाई खाने से दादी और सात वर्षीय पोता बीमार पड़ गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच जारी है। ...और पढ़ें

मिठाई खाने के बाद दादी और पौत्र की तबीयत बिगड़ गई। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
मिलावटी मिठाई खाने से दादी-पोता फूड पॉइजनिंग के शिकार।
दनकौर के जुनेदपुर गांव में हुई यह घटना।
पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग से शिकायत दर्ज।
जागरण संवाददाता, दनकौर (ग्रेटर नोएडा)। कोतवाली क्षेत्र के जुनेदपुर गांव में मिलावटी मिठाई खाने से एक महिला और उसका सात वर्षीय पोता फूड पाइजनिंग का शिकार हो गए। दोनों की तबीयत बिगड़ने पर दनकौर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
तत्काल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया
पीड़ित स्वजन ने शनिवार को मिष्ठान भंडार संचालक पर मिलावटी मिठाई बेचने का आरोप लगाते हुए पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग से शिकायत की है। जुनेदपुर गांव निवासी गौरव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बृहस्पतिवार रात उनके बेटे का जन्मदिन था। इस अवसर पर उन्होंने गांव के पास स्थित एक मिष्ठान भंडार से मिठाई खरीदी थी।
परिवार के लोगों ने मिठाई खाई, लेकिन शुक्रवार शाम करीब आठ बजे उनकी मां सुरेश और सात वर्षीय बेटे यजुर्व की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों को लगातार उल्टी और दस्त होने लगे, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मिठाइयों की जांच कराने की मांग
स्वजन का कहना है कि चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में दोनों के फूड प्वाइजनिंग से पीड़ित होने की आशंका जताई है। आरोप है कि मिठाई की गुणवत्ता खराब होने और उसमें मिलावट के कारण यह घटना हुई। पीड़ित परिवार ने दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को शिकायत सौंपी है। मिठाई के नमूनों की जांच कराने की मांग की है।
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खाद्य विभाग की रिपोर्ट का है इंतजार
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों के दौरान मिठाइयों की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। दनकौर पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच और खाद्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।