गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा का सफर होगा आसान, शाहबेरी से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक बनेगी डबल डेकर रोड
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने गाजियाबाद को ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जोड़ने वाली शाहबेरी सड़क को डबल डेकर बनाने की ...और पढ़ें

गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा जाना होगा आसान। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
शाहबेरी सड़क को डबल डेकर बनाने की मंजूरी
गाजियाबाद-ग्रेटर नोएडा वेस्ट कनेक्टिविटी में सुधार होगा
श्रमिकों के लिए दो हॉस्टल भी बनेंगे
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। गाजियाबाद को ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जोड़ने वाली शाहबेरी सड़क को डबल डेकर बनाने के प्रस्ताव को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।
वहीं, 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (एनएच-9) से जोड़ने की योजना को भी आगे बढ़ाने की तैयारी है। इन परियोजनाओं से ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है।
4.5 किमी की शाहबेरी सड़क बनेगी डबल डेकर
गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग शाहबेरी सड़क को डबल डेकर बनाने के प्रस्ताव पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। करीब 4.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के डबल डेकर बनने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड की मंजूरी के बाद सड़क को विकसित करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन को बेहतर बनाना और इस क्षेत्र में यातायात को अधिक सुचारु करना है।
130 मीटर सड़क दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी
ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की दिशा में भी कवायद तेज हो गई है। इस संबंध में प्रस्ताव ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष रखा गया, जिस पर सहमति बन गई है। अब नोएडा और यमुना प्राधिकरण की सहमति लेकर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने के लिए एनएचएआई को जिम्मेदारी सौंपी थी। सर्वेक्षण में दो वैकल्पिक मार्ग सामने आए।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर रोड
पहले विकल्प में एक मूर्ति से नाले तक डबल डेकर सड़क प्रस्तावित की गई थी, जबकि दूसरे विकल्प में शाहबेरी से नाले के साथ लिंक रोड जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया।
परियोजना के लिए बनी समिति ने पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का निर्णय लिया है। इस चरण पर 756.01 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। दूसरे चरण में शेष सड़क का निर्माण पूरा किया जाएगा।
परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरण समान रूप से वहन करेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिलेगा लाभ
130 मीटर चौड़ी सड़क के दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ने पर ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं, शाहबेरी सड़क के डबल डेकर बनने से गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच यातायात को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल सकती है।
श्रमिकों के लिए दो हॉस्टल, ईडब्ल्यूएस फ्लैट को भी मंजूरी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में श्रमिकों के लिए दो हॉस्टल बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पतवाड़ी और बिरौड़ी में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए फ्लैट बनाने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित मुआवजा दर को भी अनुमोदित किया है।
एक नजर में बोर्ड के प्रमुख फैसले
- शाहबेरी सड़क को डबल डेकर बनाने की मंजूरी
- शाहबेरी मार्ग की लंबाई करीब 4.5 किलोमीटर
- 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना
- पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क
- पहले चरण की अनुमानित लागत 756.01 करोड़ रुपये
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जाम कम करने और कनेक्टिविटी बेहतर करने पर जोर
- श्रमिकों के लिए दो हॉस्टल बनाने को मंजूरी
- पतवाड़ी और बिरौड़ी में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए जाएंगे
- मुआवजा दर को भी प्राधिकरण बोर्ड ने मंजूरी दी
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