Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    लखनऊ कूच कर रहे किसानों की प्राधिकरण से हुई वार्ता, चार प्रतिशत भूखंड का मिला आश्वासन

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 01:44 AM (IST)

    ग्रेटर नोएडा में चार प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड की मांग को लेकर लखनऊ कूच की तैयारी कर रहे किसानों को पुलिस ने रोका। ...और पढ़ें

    लखनऊ कूच कर रहे किसानों की प्राधिकरण से हुई वार्ता। जागरण

    लखनऊ कूच कर रहे किसानों की प्राधिकरण से हुई वार्ता। जागरण

    HighLights

    1. किसानों का लखनऊ पैदल कूच पुलिस ने रोका।

    2. प्राधिकरण अधिकारियों ने चार प्रतिशत भूखंड को वैध अधिकार माना।

    3. 6 जुलाई को सीईओ संग अंतिम बैठक होगी।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में चार प्रतिशत अतिरिक्त विकसित आबादी भूखंड की मांग को लेकर सोमवार को लखनऊ पैदल कूच की तैयारी कर रहे किसानों को पुलिस ने रोक लिया।

    पुलिस ने किसानों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया। प्राधिकरण के एसीईओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय लेने और सीईओ संग बैठक का वादा किया गया।

    किसानों ने लखनऊ पैदल कूच कार्यक्रम स्थगित किया

    चौधरी प्रकाश प्रधान व विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि किसान लखनऊ पैदल जाने की तैयारी कर रहे थे। उससे पहले ही कासना कोतवाली प्रभारी और बीटा-दो कोतवाली प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर भरोसा दिलाया कि प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मांग पर किसानों की वार्ता कराएंगे, जिसके बाद किसानों ने लखनऊ पैदल कूच कार्यक्रम स्थगित कर दिया।

    किसानों की मांग को गंभीरता से सुना

    इसके बाद एसीईओ सुमित यादव, ओएसडी गिरीश झा, एसडीएम अजय शर्मा और डीजीएम नोएडा प्राधिकरण के साथ वार्ता हुई। वार्ता में प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों की मांग को गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि चार प्रतिशत अतिरिक्त विकसित आबादी भूखंड किसानों का वैध व मूल अधिकार है।

    अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव बोर्ड से पारित किया जा चुका है और प्राधिकरण किसानों को चार प्रतिशत अतिरिक्त विकसित आबादी भूखंड उपलब्ध कराने के पक्ष में है।

    इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया कि छह जुलाई प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व क्षेत्र के किसान प्रतिनिधियों के साथ अंतिम स्तर की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें किसानों की मांग के समाधान की दिशा में ठोस निर्णय लिए जाने की अपेक्षा है।

    इस दौरान सिरसा, खैरपुर गुर्जर, डाढ़ा, लड़पुरा, मथुरापुर, घोड़ी, जुनपत, बिसरख, मायचा समेत करई गांवों के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

    खबरें और भी