ग्रेटर नोएडा में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे 100 से अधिक किसान हिरासत में, 32 महिलाएं भी शामिल
ग्रेटर नोएडा में किसान संघर्ष मोर्चा के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को 10% विकसित प्लॉट की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। पुलिस ने धरना स्थल को छावनी में बदल दिया, लेकिन किसान नेताओं ने संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
HighLights
किसान संघर्ष मोर्चा ने 10% विकसित प्लॉट की मांग की।
ग्रेटर नोएडा में 100 से अधिक किसान हिरासत में लिए गए।
पुलिस ने धरना स्थल को छावनी में बदला, संघर्ष जारी।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। किसान संघर्ष मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोमवार को किसान सभा के दफ्तर से प्राधिकरण की ओर कूच किया। अपना हक लेकर रहेंगे, 10 प्रतिशत प्लॉट लेकर रहेंगे के नारे लगाते हुए निकले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा, इंद्र प्रधान और सोरन प्रधान के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में करीब 100 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 32 महिलाएं शामिल हैं।
आंदोलन को रोकने के लिए धरना स्थल को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है और पूरे जनपद की पुलिस तैनात की गई है। किसान संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। नेताओं का कहना है कि सरकार ने पहले 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट सहित मांगों पर बातचीत का भरोसा दिया था, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद 30 जुलाई से आंदोलन तेज करने का फैसला लिया गया था।
दमन से आंदोलन नहीं रुकेगा: इंद्र प्रधान
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्र प्रधान ने कहा कि दमन से आंदोलन नहीं रुकेगा। डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि पुलिस बल के दम पर किसानों का हौसला नहीं तोड़ सकतीं। जब तक हक नहीं मिलेगा संघर्ष जारी रहेगा। मोर्चा ने हिरासत में लिए गए किसानों की तुरंत छोड़ने की मांग की है।

