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नोएडा में रिटायर्ड कर्नल की पत्नी को 7 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग केस में डर दिखाकर ठगे 44 लाख

Published: Mon, 17 Aug 2026 01:34 PM (IST)

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर दो बुजुर्ग महिलाओं को मनी लॉन्ड्रिंग केस ...और पढ़ें

नोएडा की दो महिलाओं से ठगे 44 लाख रुपये। AI जनरेटेड

नोएडा की दो महिलाओं से ठगे 44 लाख रुपये। AI जनरेटेड

HighLights

  1. मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने ठगी की।

  2. मनी लॉन्ड्रिंग केस और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया गया।

  3. दो बुजुर्ग महिलाओं से कुल 44 लाख रुपये की ठगी हुई।

जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में आने और संपत्ति जांच के बहाने मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर सेक्टर-29 की रहने वाली सेवानिवृत्त कर्नल की पत्नी बुजुर्ग महिला को 7 दिन और इसी तरह ग्रेटर नोएडा की बुजुर्ग महिला को 2 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा।

साइबर ठगों ने ऑनलाइन सुनवाई करने का नाटक रचा। वर्दी पहने ठगों ने प्रबंधक को जेल भेजने का डर दिखाया। जमा पूंजी को आरबीआई बैंक खातों में लेकर जांच के नाम पर दोनों से 44 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रिश्तेदार व परिवार को बताने पर पीड़ितों को ठगों के चंगुल में फंसे होने का पता चला।

साइबर ठगों की तलाश में जुटी पुलिस

पीड़िताओं ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराए हैं। पुलिस ठगों की पहचान और तलाश में जुटी है।
नोएडा सेक्टर-29 की रहने वाली सेवानिवृत्त कर्नल की पत्नी रविकांत के पास ठग ने छह अगस्त को मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बनकर फोन किया। उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर खोले बैंक खाते में करोड़ों रुपये का लेनदेन होने की बात कही।

वॉट्सएप पर गिरफ्तारी का वारंट भेजा

इसके चलते मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम शामिल होना बताया। उन्होंने खुद को बेकसूर बताया तो ठगों ने वॉट्सएप पर गिरफ्तारी का वारंट भेज दिया। राष्ट्र सुरक्षा का मामला होने के चलते किसी को नहीं बताने पर उसका नाम भी केस में शामिल होने की चेतावनी दी। उसके बाद वीडियो कॉल पर अन्य ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर बात कीं। इससे बचने के लिए संपत्ति की जांच कराने पर जोर दिया।

आरबीआई के बैंक खातों के नाम पर 12 अगस्त तक 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम वापस नहीं आने और रकम मांगने पर शक हुआ। एक रिश्तेदार को बताने पर पीड़िता को ठगों की चालबाजी का पता चला।

दो घंटे में सिम बंद होने की चेतावनी

उधर, ग्रेटर नोएडा की रहने वालीं अनीता के पास पांच अक्टूबर 2025 को ठग ने दूरसंचार विभाग का कर्मी बनकर फोन किया। दो घंटे में सिम बंद होने की चेतावनी दी। इस बारे में पूछने पर बताया कि उनके आधार कार्ड कार्ड का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में होने की बात कहकर फोन रख दिया।

आरोप है कि अन्य ठग ने मुबंई क्राइम ब्रांच पुलिसकर्मी बनकर बात की। उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर सिम लिया गया है। बैंक खाता खोलकर मनी लॉन्ड्रिंग हो रही है। उनको वारंट भेजकर गिरफ्तारी का डर दिखाया। पुलिस अधिकारी बनकर सुनवाई की।

44 लाख रुपये ट्रांसफर कराए

संपत्ति की जांच के नाम पर 44 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। उसके बाद भी रकम मांगने पर पीड़िता ने परिवार वालों को बात बताई। उसके बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। दोनों ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस से शिकायत की।

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डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर मामले दर्ज कर जांच कराई जा रही है। ठगी में संलिप्त बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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