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    ग्रेटर नोएडा में ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, जाली पत्रों से बिजली लेने की कोशिश

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 10:45 PM (IST)

    ग्रेटर नोएडा में ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां प्राधिकरण के नाम से जाली पत्र बनाकर बिजली कनेक्शन लेने की कोशिश की ...और पढ़ें

    ग्रेटर नोएडा में ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है

    ग्रेटर नोएडा में ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है

    HighLights

    1. ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए जाली पत्र बनाए जा रहे।

    2. प्राधिकरण के नाम से फर्जी आवेदन एनपीसीएल में।

    3. सस्ती बिजली और अवैध निर्माण मुख्य उद्देश्य।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। आबादी वाले अविकसित इलाकों में ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन लेने के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कुछ लोग प्राधिकरण के परियोजना विभाग के नाम से जाली पत्र बनाकर एनपीसीएल में आवेदन कर रहे हैं।

    बुधवार को भी एक युवक इसी तरह का पत्र लेकर प्राधिकरण से एनओसी मांगने पहुंचा, जहां मामला पकड़ा गया। प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे जाली पत्र कई बार संज्ञान में आए हैं। एनपीसीएल ने सत्यापन के लिए कुछ पत्र प्राधिकरण को भेजे थे। जांच में पता चला कि पत्र फर्जी हैं।

    आशंका है कि कुछ लोगों ने पहले भी इसी तरह जाली पत्र के आधार पर ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करा लिए हैं। सस्ती बिजली के लालच में यह कारनामा किया जा रहा है। कुछ लोग इसका इस्तेमाल अतिरिक्त प्रतिकर लेने और अवैध व्यावसायिक निर्माण के लिए करना चाहते हैं।

    फर्जीवाड़े को रोकने के लिए वर्क सर्किल और लैंड विभाग को भी सूचना दे दी गई है ताकि बिना अनुमति बोरवेल और निर्माण न हो सके। जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने कहा कि ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए प्राधिकरण की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।

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    उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में ट्यूबवेल पर रोक है, वहां की खसरा संख्या सहित सूची पहले ही एनपीसीएल को भेजी जा चुकी है। जहां रोक नहीं है, वहां किसी पत्र की जरूरत ही नहीं है।

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