PM मोदी को गाली देने वाली लड़की का नाम 'रुचिका' नहीं, छोटी बहन पर भी बड़ा खुलासा
जंतर-मंतर पर पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाली लड़की नाबालिग निकली, जिसकी उम्र 15 साल है। शुरुआत में आरोपी मानी जा रही रुचिका, उस नाबालिग की मां है, जिसने ...और पढ़ें

जिस लड़की का नाम रुचिका बताया जा रहा है, असल में उसका नाम कुछ और है। फोटो: वीडियो ग्रैब
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जंतर-मंतर पर पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाली नाबालिग
रुचिका लड़की की मां है, न कि खुद लड़की
जागरण संवाददाता, नोएडा। सीजेपी के दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपशब्द कहने वाली लड़की की कहानी सुलझ गई है। वह नाबालिग है। उसकी उम्र 15 वर्ष है। रुचिका कोई और नहीं, बल्कि उसकी 45 वर्षीय मां का नाम है।
नाबालिग की कोई बहन भी नहीं है। एक भाई है, जो दादा के साथ रहता है। किशोरी का एक अगस्त को जन्मदिन था। नए कपड़े खरीदने की बात कहकर वह नोएडा स्थित अपने घर से दिल्ली जंतर-मंतर पर पहुंची थी।
वहां प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के लिए अपशब्द कहें। बाद में वीडियो बनाकर माफी मांगी। विपक्षी दलों के कई नेताओं समेत इंटरनेट मीडिया पर सवाल किए जा रहे थे कि माफी मांगने वाली और अपशब्द कहने वाली लड़की अलग-अलग हैं।
जागरण की पड़ताल में क्या आया सामने?
गाजियाबाद के वसुंधरा की रहने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्द कहने के आरोप में 29 जुलाई को नोएडा में केस दर्ज कराया। मामले में रुचिका नाम की लड़की को आरोपित मानते हुए केस दर्ज किया।
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केस दर्ज होते ही नाबालिग मां के साथ अपने नाना के घर फरीदाबाद के ऊंचा गांव पहुंच गई। वहां स्वजन ने फटकार लगाई तो फरीदाबाद शहर जाने की बात कहकर दोनों घर से निकल गईं।
वहीं प्रधानमंत्री से माफी मांगने का वीडियो बनाया। मां के बोलते हुए का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया। वीडियो देखकर तमाम लोगों ने सवाल उठाया कि अपशब्द कहने वाली और माफी मांगने वाली दोनों लड़कियां अलग-अलग हैं।
कहा कि अपशब्द कहने वाली लड़की बालिग है, उसका नाम रुचिका बताया। माफी मांगने वाली नाबालिग है। दोनों के चेहरे में अंतर है। नाक और दांत अलग-अलग दिख रहे हैं। कई दिनों से यह मामला इंटरनेट मीडिया पर छाया है।
अपशब्द कहने और माफी मांगने वाली एक ही लड़की
नाबालिग के माफी मांगने वाले वीडियो को एआई जेनरेटेड भी बताया। दैनिक जागरण ने इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि दो अलग-अलग लड़की नहीं, बल्कि एक ही है। अपशब्द कहने वाली नाबालिग नोएडा के सेक्टर 168 स्थित एक सोसायटी में मां रुचिका के साथ रहती है।
रुचिका नहीं है 'रुचिका' नहीं, उसकी मां का नाम है
रुचिका की सुसराल गौतमबुद्ध नगर के नवादा गांव में है। पति की मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद वह नाबालिग को लेकर अलग फ्लैट में रहने लगी। एक बेटा है, वह दादा के साथ गांव में रहता है।
सोसायटी के लोगों ने बताया कि लड़की का नाम रुचिका नहीं, बल्कि यह उसकी मां का नाम है। दोनों 23 जुलाई से फ्लैट बंद कर लापता हैं। दोनों के कामकाज के बारे में सोसायटी के लोग भी ज्यादा कुछ नहीं बता पाए।
मां-बेटी का सोसायटी में नहीं था मिलना-जुलना
महिला और उसकी बेटी से सोसायटी के लोगों का अधिक मिलना जुलना नहीं था। सोसायटी के एक गार्ड ने बताया कि महिला यहां पर पांच साल पहले टावर नंबर दो में किराये पर रहने आई थीं।
वह बीच में एक बार सोसायटी छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हुई। जनवरी 2026 में सोसायटी में एक टू बीएचके फ्लैट खरीदा। फ्लैट में एकलौती बेटी के साथ रहती हैं। वर्तमान में बेटी पढ़ाई नहीं करती। सोसायटी के गेट पर बच्चों को लेने आई एक महिला ने बताया कि सुना था कि महिला बच्चों को ट्यूशन पढ़ती है।
नाना बोले- सहेलियों के बुलाने पर गई थी जंतर-मंतर
वहीं, नाबालिग का ननहिाल फरीदाबाद के ऊंचा गांव में है। नाना भगवंत ने बताया कि वह कपड़े खरीदने के लिए घर से गई थी। उसकी सहेलियों ने नाबालिग को जंतर-मंतर बुला लिया। बाद में उसे अपनी गलती का अहसास हुआ।
यहां आई तो हमने उसको डांट-फटकार लगाई। दो दिन गांव में रुकने के बाद फरीदाबाद जाकर उसने वीडियो बनाकर प्रधानमंत्री से माफी मांगी। बेटी रुचिका अधिवक्ता है। वह नोएडा में ही कार्यरत है।
हालांकि, नाबालिग के नाना को भी नहीं पता कि उनकी बेटी और नातिन कहां पर हैं। उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है।
मां ने मांगी माफी, सुरक्षा की भी लगाई गुहार
मीडिया से बात करते मां रुचिका का वीडियो प्रसारित हुआ है, जिसमें ववह कह रही है कि बच्ची ने गलती की है। उसे बड़ों के लिए ऐसा नहीं कहना चाहिए था। वह पूरे देश से माफी मांगती हैं।
एक अगस्त को उसका जन्मदिन था। कपड़े खरीदने गई थी। उसका अपशब्द कहने का वीडियो प्रसारित होने के बाद रिश्तेदारों ने जानकारी दी। तभी से मुंह छिपाकर भटक रहे हैं। मेरी बेटी नाबालिग है।
प्रधानमंत्री जी ने माफ कर दिया है तो अब एफआईआर रद की जानी चाहिए। हमारे कोई संपर्क में नहीं है। हम छोटे लोग हैं। सियासी मसले नहीं जानते। हमें सुरक्षा चाहिए। मेरी बेटी की आंखों में शर्म है कि उसने गलत किया। अपने से बड़ों के लिए गलत शब्द बोले।