एमएसएमई को बढ़ावा देने से छोटे शहरों में होगा औद्योगिकीकरण, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए टियर टू और थ्री शहरों में सिटी इकोनॉमिक जोन विकसित करने का निर्णय लिया है। इसस ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, नोएडा। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने टियर टू व थ्री शहरों में सिटी इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इससे एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) का संकल्प पूरा होगा। छोटे शहरों, गांव व कस्बों में रोजगार की संभावानाएं प्रबल होगी। रोजगार के लिए एनसीआर के शहरों की ओर आने वाली भीड़ पर भी अंकुश लग सकेगा।
उद्यमी सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि छोटे शहरों, गांव व कस्बों में लोग एमएसएमई सेक्टर की ओर बढ़ावा दिया जाए, जिससे कम लागत में लोग अपना रोजगार शुरू कर सके। खुद के साथ-साथ वहां के जनसंख्या को नियोजन भी करें। इसलिए सरकार ने सिटी इकोनामिक जोन विकसित करने का निर्णय लिया है।
जो छोटे और उभरते उद्यमों को विस्तार, आधुनिक मशीनरी और नई तकनीक अपनाने के लिए पूंजी उपलब्ध कराएगा। इससे कार्यशील पूंजी की कमी जैसी समस्याएं कम होंगी और व्यवसाय को बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने बताया कि अब केवल छोटे व्यवसाय नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं, और यह बजट उन्हें आगे बढ़ने और सफल होने की ताकत देता है।
इससे एनसीआर व मेट्रो शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोका जा सके। इसके लिए सरकार सिटी इकोनामिक जोन विकसित करने पर बल देगी, जिससे एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को बढ़ावा जा सके। ओडीओपी योजना के तहत सरकार ने पहले ही सरकार को एसएमएसई सेक्टर में विकसित करने का काम शुरू कर दिया है।
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औद्योगिक क्लस्टरों के विकास, बेहतर बुनियादी ढांचे और डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से तेज भुगतान व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है, जिससे अनुपालन आसान होगा और रोजमर्रा की व्यावसायिक चुनौतियां कम होंगी। टेक्सटाइल और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए यह निर्यात और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।