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    नवजात बच्ची के सौदा करने वाला नवजीवन अस्पताल सील, रिकॉर्ड रूम की जांच के लिए पुलिस से मांगा लेटर

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 11:07 PM (IST)

    नवजात बच्ची का सौदा करने के आरोप में नवजीवन अस्पताल को सीएमओ की तीन सदस्यीय कमेटी ने सील कर दिया है। पुलिस ने अस्पताल की मालिक यशिका गर्ग सहित पांच आर ...और पढ़ें

    बिसरख पुलिस और सीडब्लूसी की टीम ने पिछले शनिवार को नवजात का सौदा करने पहुंचे नवजीवन अस्पताल के टेक्नीशियन रंजीत सिंह और सफाई कर्मी गजेंद्र सिंह को रंगेहाथ धरा था।

    बिसरख पुलिस और सीडब्लूसी की टीम ने पिछले शनिवार को नवजात का सौदा करने पहुंचे नवजीवन अस्पताल के टेक्नीशियन रंजीत सिंह और सफाई कर्मी गजेंद्र सिंह को रंगेहाथ धरा था।

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    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। पांच दिन की नवजात का सौदा करने वाले नवजीवन अस्पताल को बृहस्पतिवार को सीएमओ द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने सील कर दिया। कमेटी ने अस्पताल में डिलीवरी व अवैध लिंग परीक्षण समेत अन्य प्रकार की गड़बड़ियों का पर्दाफाश करने के लिए रिकार्ड रूम की जांच व कार्रवाई को लेकर पुलिस से पत्र मांगा है।

    फिलहाल, घटना में पुलिस की तरफ से अस्पताल की मालिक यशिका गर्ग समेत पांचों आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब आगे की कार्रवाई रिकाॅर्ड रूम की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

    बिसरख पुलिस और सीडब्लूसी की टीम ने पिछले शनिवार को नवजात का सौदा करने पहुंचे नवजीवन अस्पताल के टेक्नीशियन रंजीत सिंह और सफाई कर्मी गजेंद्र सिंह को रंगेहाथ धरा था। दोनों की निशान देही पर प्रकरण की मुख्य आरोपित यशिका गर्ग को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूछताछ में यशिका ने बच्ची को जन्म देने वाली महिला को नाम अंजली होने का दावा किया था।

    घटना के बाद अस्पताल का अन्य स्टाफ रिकाॅर्ड रूम में ताल लगाकर फरार हो गया था। पुलिस ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिया था। सोमवार को सीएमओ ने डा. हरिमोहन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। जबकि बृहस्पतिवार को कमेटी ने अस्पताल को सील कर दिया।

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    अस्पताल के रिकाॅर्ड रूम की जांच के लिए पुलिस की तरफ से पत्र नहीं दिया गया था। इसके चलते रिकार्ड रूम की जांच नहीं की गई। प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया रिकाॅर्ड रूम के डिलीवरी रजिस्टर समेत अन्य कागजात की जांच कराने के संबंध में सीएमओ को पत्र लिख रहे हैं। अ

    स्पताल के स्टाफ की मौजूदगी में रिकाॅर्ड रूम खोल कर जांच की जाएगी। डिलीवरी रजिस्टर में दर्ज मां के नाम का मिलान किया जाएगा। फिलहाल अब जो भी कार्रवाई होगी वह रिकाॅर्ड रूम के दस्तावेजों की जांच में सामने आने वाली गड़बड़ियों के आधार पर ही होगी।

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