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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण में गए मकान को लेकर खूनी संघर्ष, बेची हुई संपत्ति पर कब्जा करने पहुंचा था आरोपी

    Updated: Sat, 31 Aug 2024 10:29 PM (IST)

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से विस्थापित होने वाले रन्हेरा गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। ...और पढ़ें

    नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण में गए मकान को लेकर खूनी संघर्ष।
    नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण में गए मकान को लेकर खूनी संघर्ष।

    HighLights

    1. तीन नामजद सहित छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के विस्तारीकरण से विस्थापित होने वाले रन्हेरा गांव में शनिवार को जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में विवाद हो गया। एक पक्ष ने अपने चचेरे भाईयों व बहन पर फावड़े से हमला कर दिया, जिसमें दोनों भाई व बहन घायल हो गए। एक घायल भाई को नोएडा रेफर किया गया है।

    पीड़िता बहन की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला सहित तीन नामजद व तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    मुआवजे के लालच में शुरू हुआ खूनी संघर्ष

    ग्रामीणों से मिली जानकारी अनुसार, विस्थापित होने वाले गांव के लोगों को प्रशासन की ओर से प्लॉट, रोजगार राशि व मकान के मूल्यांकन की दो गुना राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि जगवीर व जयभगवान दो भाईयों में से करीब तीस वर्ष पूर्व जगवीर की मौत हो गई थी।

    इसके बाद जगवीर का बेटा अनिल अपने हिस्से के मकान को गांव के ही एक व्यक्ति को बेचकर खुर्जा में रहने लगा था। कुछ समय बाद गांव के व्यक्ति से जयभगवान ने अपने पैतृक मकान के आधे हिस्से को वापस खरीद लिया था। बीते 23 जुलाई को जयभगवान की भी मौत हो गई।

    बेचे हुए मकान पर चाहता था कब्जा करना

    लगभग दस दिन पहले अनिल कुछ साथियों के साथ सामान लेकर रन्हेरा गांव पहुंचा व मकान में सामान रखकर अपना ताला लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अनिल को हिरासत में लेकर शांतिभंग करने के आरोप में बंद कर दिया।

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    जयभगवान के दोनों बेटों अवधेश व कुशल को भी मुचलका पाबंद कराकर शांति बनाने रखने की अपील की थी। पुलिस ने अनिल का सामान मकान से निकलवा कर मौके पर यथास्थिति बना दी थी।

    योजना का लाभ लेने के लिए पहुंचा गांव

    अनिल भी योजना का लाभ लेना चाहता था, इसलिए गांव के विस्थापन की सूचना पर उसने अपने चाचा जयभगवान से अपने पैतृक मकान का हिस्सा वापस मांगना शुरू कर दिया था। लेकिन चाचा ने खरीदी हुई संपत्ति से हिस्सा देने से मना कर दिया। अनिल ने न्यायालय में भी वाद दायर किया हुआ था।

    पीड़िता लीना पुत्री जयभगवान ने पुलिस शिकायत में बताया कि ताऊ के लड़के अनिल ने अपनी बहन राजेश, गांव के जगमोहन व तीन अज्ञात साथियों के साथ शनिवार को घर आकर मकान पर कब्जा करना शुरू कर दिया। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर बदतमीजी व मारपीट शुरू कर दी।

    शोर सुनकर पीड़िता के भाई अवधेश व कुशल भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर पीड़िता, उसके भाई अवधेश व कुशल को घायल कर दिया। इस दौरान अनिल तमंचे से फायर कर मौके से फरार हो गया।

    ग्रामीणों की मदद से पीड़िता व उसके दोनों भाईयों को जेवर स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से अवधेश को गंभीर हालत में नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश शुरू

    कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अनिल, उसकी बहन राजेश, गांव के ही जगमोहन व तीन अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    एडीसीपी अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।