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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Elvish Yadav: सांपों के जहर के चक्कर में बुरे फंसे एल्विश, वृंदावन से हुई थी शुरुआत; पुलिस ने एक हफ्ते पहले बिछाया जाल

    By Jagran NewsEdited By: Pooja Tripathi
    Updated: Sat, 04 Nov 2023 10:54 AM (IST)

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भाजपा सांसद और पीपल्स फॉर एनिमल की फाउंडर चेयरपर्सन मेनका गांधी का कहना है कि एक सप्ताह पहले हमने पुलिस की मदद ...और पढ़ें

    सांपों के जहर की सप्लाई रेव पार्टी में करने का लगा आरोप।
    सांपों के जहर की सप्लाई रेव पार्टी में करने का लगा आरोप।

    HighLights

    1. कुछ दिन पहले मथुरा में आठ सांपों के साथ पकड़े गए थे चार लोग
    2. ग्राहक बनकर किया संपर्क, तब एल्विश यादव का सामने आया नाम

    जागरण संवाददाता, नोएडा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भाजपा सांसद और पीपल्स फॉर एनिमल की फाउंडर चेयरपर्सन मेनका गांधी का कहना है कि एक सप्ताह पहले हमने पुलिस की मदद से मथुरा के वृंदावन में छापेमारी की थी।

    आठ सांपों के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इन्हीं लोगों ने बताया था कि इनका गैंग रेव पार्टियों में सांपों का जहर सप्लाई करता है। जहर का इस्तेमाल ड्रग्स में होता है।

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    गैंग के लोगों ने दी एल्विश की जानकारी

    गैंग के लोगों ने ही एल्विश यादव के बारे में जानकारी दी थी। मेनका गांधी ने एल्विश की गिरफ्तारी की मांग की। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक आडियो में दावा किया जा रहा है कि यह ऑडियो सांप लाने वाले गिरोह के सदस्य राहुल और संस्था कर्मी के बीच हुई बातचीत का है।

    राहुल ने सांप के बदले 31 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन एल्विश यादव का नाम आने पर 21 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।

    ऑडियो में राहुल बता रहा है कि एल्विश यादव नोएडा में उसे स्टूडियो पर अक्सर सांपों के साथ बुलाते हैं। (दैनिक जागरण इस आडियो की पुष्टि नहीं करता।)

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    गैर जमानती धाराओं में दर्ज है केस

    प्रभागीय वन अधिकारी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने पीटीआइ को बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से मुक्त कराए गए सभी सांप लुप्तप्राय प्रजातियों की श्रेणी में आते हैं।

    वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत मामले में लगाए गए आरोप कड़े हैं, जो गैर-जमानती हैं। इसमें दोष सिद्ध होने पर सात साल की जेल की सजा हो सकती है। जब्त किए गए सांप के जहर की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया है।