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    जेवर एयरपोर्ट पर बिना तेल टैंकर सीधे पाइप से भरा जाएगा विमानों में फ्यूल, कितने दिन का रहेगा स्‍टॉक?

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 08:29 PM (IST)

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 28 मार्च को उद्घाटन के बाद विमानों को ईंधन की आपूर्ति भूमिगत पाइपलाइन से होगी। एयरपोर्ट पर हमेशा सात दिन का एटीएफ स्टॉक उप ...और पढ़ें

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 28 मार्च को उद्घाटन के बाद विमानों को ईंधन की आपूर्ति भूमिगत पाइपलाइन से होगी। इमेज एआई जेनरेटेड

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 28 मार्च को उद्घाटन के बाद विमानों को ईंधन की आपूर्ति भूमिगत पाइपलाइन से होगी। इमेज एआई जेनरेटेड

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    मनोज कुमार शर्मा, जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 28 मार्च को उद्घाटन के बाद यहां से उड़ान भरने वाले विमानों के विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की आपूर्ति भूमिगत पाइपलाइन से शुरू हो जाएगी।

    एयरपोर्ट पर आने जाने वाले विमानों के लिए यहां बनाए गए तेल भंडारण केंद्र में हमेशा सात दिन का स्टाक मौजूद रहेगा।

    भंडारण केंद्र से सीधे एप्रेन पर खड़े विमानों में ईंधन भरने के लिए भी भूमिगत पाइपलाइन डाली गई हैं। किसी भी आपात स्थिति के दौरान अगर तेल की आपूर्ति बाधित भी होती है ऐसे दौर से निपटने के लिए एयरपोर्ट हर समय सात दिन तक हवाई सेवाओं को संचालित करने के लिए पर्याप्त एटीएफ मौजूद रहेगा।

    भारत पेट्रोलियम ने बिछाई लंबी पाइपलाइन 

    भारत पेट्रोलियम की तरफ से फरीदाबाद के पियाला तेल डिपो से एयरपोर्ट के भंडारण केंद्र तक 34 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। एयरपोर्ट पर मांग के अनुरूप आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

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    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों में भरे जाने वाले विमानन टरबाइन ईंधन को टैंकरों से लाने पर पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए भूमिगत पाइपलाइन से लाने का फैसला किया गया।

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    पाइपलाइन से एटीएफ लाने में पर्यावरण को होने वाले नुकसान को बचाने के साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने के अलावा फ्यूल को सुरक्षित और कम लागत पर एयरपोर्ट तक लाया जा सकेगा।

    समझौते के अनुसार भारत पेट्रोलियम की तरफ से फरीदाबाद के पियाला जेवर तक 14 इंच व्यास वाली पाइपलाइन की 4.6 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता होगी।

    इंडियन आयल स्काइटेंकिंग लिमिटेड (आइओएसएल) ने समझौते के अनुसार एयरपोर्ट पर तेल भंडारण केंद्र स्थापित किया है। केंद्र से एप्रेन एरिया में विमानों तक तेल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई है जिससे बिना टैंकरों के विमानों में तेल भरा जा सके।

    18 मीटर ऊंचाई और 25 मीटर व्यास वाले चार टैंक तैयार

    इंडियन आयल स्काइटेंकिंग लिमिटेड के द्वारा एयरपोर्ट के पश्चिमी छोर पर प्रथम फेज के लिए 1.5 हेक्टेयर में तेल भंडारण केंद्र स्थापित किया गया है। 10700 किलो लीटर क्षमता वाले चार फ्यूल टैंक तैयार किए गए हैं।

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    अंतिम चरण तक भंडारण केंद्र को चार हेक्टेयर में विस्तारित करते हुए 13 टैंक स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में तैयार तेल भंडारण केंद्र एयरपोर्ट को किसी भी आपात स्थिति में सात दिनों तक बिना किसी रुकावट के तेल आपूर्ति करता रहेगा।

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