नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर EV चार्जिंग स्टेशन तैयार, एयरसाइड और लैंडसाइड पर एक साथ 98 कारें होंगी चार्ज
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन तैयार हो गए हैं। एक साथ 98 वाहन चार्ज हो सकेंगे, जिनमें एयरसाइड पर 60 और लैंडसाइड ...और पढ़ें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार। फोटो: आर्काइव

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, ग्रेटर नोएडा। Noida International Airport के संचालन से पहले यात्री और परिवहन सुविधाओं से जुड़े अधिकांश काम पूरे कर लिए गए हैं। एयरपोर्ट परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन तैयार कर दिए गए हैं, जहां एक समय में 98 वाहनों को चार्ज किया जा सकेगा।
एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण करीब 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में पूरा हो चुका है। यहां यात्री सुविधाओं से जुड़े लगभग सभी जरूरी ढांचे तैयार हैं और व्यावसायिक उड़ानों के संचालन के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं भी अंतिम चरण में हैं।
एयरसाइड और लैंडसाइड दोनों जगह चार्जिंग प्वाइंट
एयरपोर्ट पर इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने और जीरो कार्बन नीति को ध्यान में रखते हुए चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। एयरसाइड क्षेत्र में 47 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, जहां एक समय में 60 वाहन चार्ज हो सकेंगे।
वहीं लैंडसाइड क्षेत्र, जहां यात्री बिना सुरक्षा जांच के आ और जा सकते हैं, वहां 19 चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। इनसे एक साथ 38 वाहनों की चार्जिंग की जा सकेगी।
एयरसाइड में रनवे की मरम्मत, भारी उपकरणों की आवाजाही और विमान से जुड़े कार्यों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक वाहन, जैसे हेवी रोलर, ट्रैक्टर और अन्य मशीनें चार्ज की जाएंगी।
ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर भी तैयार
एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों के लिए ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) भी तैयार कर लिया गया है। करीब 20 एकड़ क्षेत्र में बने इस केंद्र में कैब, टैक्सी और बसों के लिए पार्किंग की सुविधा होगी। यहां लगभग 1200 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था की गई है।
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यात्रियों की सुविधा के लिए कई परिवहन एजेंसियों के साथ समझौते भी किए गए हैं। इनमें Delhi Transport Corporation के अलावा ओला, उबर, रैपिडो और महिंद्रा टेक जैसी कैब सेवाएं शामिल हैं, जो एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों तक परिवहन उपलब्ध कराएंगी।
जल्द शुरू होगा एमआरओ हब का निर्माण
एयरपोर्ट परिसर में लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) हब विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। इसके लिए Akasa Air के साथ साझेदारी भी की गई है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं से जुड़े सभी प्रमुख कार्य पूरे हो चुके हैं। अब संचालन शुरू करने की दिशा में अंतिम तैयारियां की जा रही हैं।
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