जेवर एयरपोर्ट बनेगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा और YEIDA की आर्थिक रीढ़, प्रति टिकट मिलेगा 400 रुपये राजस्व
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत बनेगा। प्रदेश सरकार और तीनों प्राधिकरणों की हिस्सेदारी वाली कंप ...और पढ़ें
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28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन होना है। (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अरविंद मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा के लिए नोएडा एयरपोर्ट वरदान से कम नहीं है। नोएडा एयरपोर्ट के बाद जहां नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यीडा में संपत्ति की कीमतों उछाल के साथ औद्योगिक निवेश तेज हुआ है।
वहीं भविष्य में यही एयरपोर्ट इन तीनों शहरों के लिए राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत होगा, जिस बल पर न सिर्फ इन शहरों के ढांचे को बरकरार रखा जाएगा बल्कि नागरिकों को नगरीय सुविधाएं मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए प्रदेश सरकार ने तीनों प्राधिकरण को शामिल करते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. नाम से कंपनी का गठन किया था।

इस कंपनी में प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण की हिस्सेदारी 37.5-37.5 प्रतिशत व ग्रेटर नोएडा और यीडा की हिस्सेदारी 12.5-12.5 प्रतिशत है। प्रदेश सरकार के साथ साथ अभी तक तीनों प्राधिकरण ने एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहण पर होने वाले खर्च का भारी भरकम बोझ उठाया है।
जमीन अधिग्रहण पर कितने करोड़ हुए खर्च?
जमीन अधिग्रहण पर अभी तक 4406 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन निवेश की गई यह रकम एयरपोर्ट की कमाई में हिस्सेदारी के तौर पर प्रदेश सरकार और तीनों प्राधिकरण को एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने की तिथि के छठे साल से मिलना शुरू हो जाएगी। यानी जिस दिन से एयरपोर्ट पर विमान सेवा शुरू होंगी। उसके छठे साल से तीनों प्राधिकरण का खजाना भरना शुरू हो जाएगा।
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नोएडा प्राधिकरण को क्या फायदा होगा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने प्रति टिकट 400.97 रुपये की सबसे अधिक बोली लगाकर निविदा जीती थी। यानी एयरपोर्ट से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय, जितने भी यात्री टिकट लेंगे, प्रति टिकट 400.97 रुपये नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के खाते में जमा होंगे।
यही रकम प्रदेश सरकार और तीनों प्राधिकरण के बीच नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. में उनकी हिस्सेदारी के सापेक्ष वितरित होगी। जो प्राधिकरणों के लिए आर्थिक रीढ़ बनेगी।
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तीनों प्राधिकरण स्वायत्तशासी संस्था हैं। इसलिए प्राधिकरणों को सरकार की ओर से कोई बजट आवंटित नहीं होता है। प्राधिकरणों के लिए कमाई का मुख्य स्रोत विभिन्न श्रेणी में भूखंड आवंटित करने से मिलने वाला राजस्व है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अधिसूचित क्षेत्र की अधिकतर जमीन आवंटित हो चुकी है। इसलिए प्राधिकरणों के लिए कमाई का स्रोत सिकुड़ गया है, जबकि शहरी आबादी बढ़ने के कारण संरचनात्मक ढांचा के विकास और नागरिक सुविधाओं के विकास का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
छठे साल से मिलेगा राजस्व
कमाई कम और खर्च बढ़ने से प्राधिकरणों के लिए आर्थिक चुनौती बढ़ रही है। ऐसे में नोएडा एयरपोर्ट में निवेश रकम प्राधिकरणों के आय के स्रोत कम होने पर उनके लिए आर्थिक रीढ़ साबित होंगी।
एयरपोर्ट पर शुरुआत में ही 50 से 60 लाख यात्री सालाना का अनुमान है, जो 2040 तक अधिकतम सात करोड़ यात्री सालाना तक पहुंचेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि एयरपोर्ट से प्रति टिकट हिस्सेदारी तय है। कमर्शियल ऑपरेशन के दिन से छठे साल से राजस्व में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. को हिस्सेदारी मिलना शुरू हो जाएगी।