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नोएडा में जहरीली गैस से दो कर्मचारियों की मौत प्रकरण में बिल्डर पर कार्रवाई, NHRC ने लिया स्वत: संज्ञान

Published: Fri, 31 Jul 2026 04:00 AM (GMT+05:30)

नोएडा में सीवर सफाई के दौरान हुई दो घटनाओं में तीन लोगों की मौत के बाद प्राधिकरण ने बिल्डर और ...और पढ़ें

सेक्टर 66 मामूरा के पास इसी नाले में गिरकर बुजुर्ग रुमाल सिंह की हुई थी मौत। फोटो- जागरण

सेक्टर 66 मामूरा के पास इसी नाले में गिरकर बुजुर्ग रुमाल सिंह की हुई थी मौत। फोटो- जागरण

HighLights

  1. नोएडा में सीवर सफाई से दो घटनाओं में तीन मौतें हुईं।

  2. प्राधिकरण ने बिल्डर और ठेकेदार पर बड़ी कार्रवाई की है।

  3. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर जवाब मांगा।

कुंदन तिवारी, नोएडा। पिछले दिनों सीवर सफाई के दौरान दो बड़ी घटना नोएडा में हई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसमें प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसमें बिल्डर पर ठेकेदार पर कार्रवाई शामिल है। जबकि दोनों की प्रकरण में राष्ट्रीय मानव आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लेकर प्राधिकरण, प्रशासन, पुलिस से जवाब तलब किया है।

बता दें कि सेक्टर-150 की एल्डिको लीव ग्रीन वाई सोसायटी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के इक्विटी टैंक की सफाई के दौरान दो कर्मचारियों की मृत्यु हो गई। मृतकों में सफाई कर्मी शशिकांत और सुरक्षा गार्ड आकाश शामिल हैं। इस घटना के संबंध में प्राधिकरण के जल खंड द्वितीय ने एल्डिको बिल्डर को नोटिस जारी किया है।

'क्या सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया गया?'

बिल्डर से एक सप्ताह के भीतर जानकारी मांगी गई है कि एसटीपी के रखरखाव का कार्य देख रही जयपुर की कंपनी केएसपी.हाडड्रो इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रबंधन ने अब तक क्या कार्रवाई की है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि मृतकों के परिवार को मुआवजा किस प्रकार उपलब्ध कराया गया है और क्या सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया गया है।

इस घटना में यह भी जानना आवश्यक है कि एसटीपी की सफाई रात में क्यों की गई और सुरक्षा मानकों का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। जल खंड द्वितीय के वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि यह घटना बिल्डर प्रबंधन और एसटीपी का रखरखाव देख रही एजेंसी की लापरवाही का परिणाम है।

प्राधिकरण ने इस घटना पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा

लंबे समय से बंद पड़े एसटीपी की कोई समय पर जांच नहीं हुई थी और न ही वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई थी। बदबू के कारण देर रात चार बजे बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कर्मचारियों को टैंक में उतार दिया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। प्राधिकरण ने इस घटना पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सीवर या एसटीपी टैंक की सफाई मशीनों से ही की जानी चाहिए, लेकिन इस आदेश का पालन नहीं किया गया। हाथों से सफाई करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है, फिर भी सोसायटी प्रबंधन और संबंधित एजेंसी ने नियमों की अनदेखी की। मृतक कर्मचारी विशेष रूप से जयपुर से एसटीपी की कमियों को ठीक करने के लिए आए थे, लेकिन एसटीपी लंबे समय से बंद था और उसकी नियमित जांच नहीं हो रही थी।

अवर अभियंता राकेश कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई

प्राधिकरण के जल सीवर विभाग के महाप्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि यह घटना सोसायटी के अंदर हुई है, इसलिए नोएडा प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। हालांकि, सेक्टर-93 ए में एक अन्य घटना में सफाई कर्मी शिवा की मृत्यु पर प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है। अवर अभियंता राकेश कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है और प्रबंधक प्रयांशु को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

ठेकेदार कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर मृतक परिवार को 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार है। हालांकि, मृतक परिवार के पास आवश्यक दस्तावेजों की कमी है, जिसके कारण दोनों बच्चों के नाम एफडी नहीं हो सकी है।

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