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    ताख पर सुरक्षा नियम, नोएडा में हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटरों में 20 की जांच; दो सील

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 08:09 AM (IST)

    नोएडा में एक हजार से अधिक कोचिंग सेंटरों में से केवल चार की जांच हुई, जिनमें से दो को सील किया गया और दो को नोटिस जारी किया गया। शिक्षा और अग्निशमन वि ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. नोएडा में 1000 से अधिक कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण चल रहे।

    2. केवल चार कोचिंग सेंटरों की जांच, दो सील, दो को नोटिस।

    3. सुरक्षा नियमों की अनदेखी, विभागों के पास जानकारी का अभाव।

    मुनीश शर्मा, नोएडा। जिले में मिलीभगत और घूसखोरी की आड़ में संचालित एक हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर में से शिक्षा विभाग, सिटी मजिस्ट्रेट और अग्निशमन विभाग मंगलवार को सिर्फ चार की ही जांच कर सका। दो को सील किया गया। बाकी दो को नोटिस जारी किया गया।

    जिले में कितने कोचिंग सेंटर 15 मीटर से कम या ज्यादा हाइट के भवनों में संचालित हो रहे हैं। उनके पंजीकरण और एनओसी के बारे में शिक्षा और अग्निशमन विभाग को जानकारी ही नहीं है, जबकि आलम यह है कि पिछले दो-तीन वर्षों में दिल्ली में सख्ती के बाद 500 से ज्यादा कोचिंग सेंटर नोएडा स्थानांतरित हुए थे।

    ज्यादातर 50 मीटर तक की ऊंचाई की बिल्डिंग में एक शटर और एक गेट वाले आवासीय भवनों में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। यहां पर निकासी की व्यवस्था भी एक गेट से ही है। वह भी बहुत संकरी है। लखनऊ के अलीगंज में 15 लोगों की मौत के बाद भी सरकारी मशीनरी ने आंखें मूंद रखी हैं। यह स्थिति तब है जब प्रदेश के मुखिया आग की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं।

    जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी नहीं

    नोएडा, ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और गांवों के बाहर व्यवसायिक उपयोग हो रहा है। दिल्ली से यहां आए संस्थानों के मालिक कम किराए के लालच में ऐसे आवासीय भवनों में उन्हें संचालित कर रहे हैं, जिनमें जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी नहीं है। इसी वजह से वह पंजीकरण और एनओसी भी नहीं लेते।

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    शिक्षा और अग्निशमन विभाग से मिलीभगत कर मानकों की अनदेखी कर चलाए जा रहे हैं। अनदेखी ऐसी है कि भवनों में दो निकास द्वार ही नहीं है। एसी की आउटर यूनिट भी सीढियों पर लगा रखी हैं। ऐसे में सुरक्षा के नियम पीछे छूट जा रहे हैं, जो हादसों को आमंत्रित कर रहे हैं।

    अलीगंज में हुई आगजनी की घटना ने यहां के जिम्मेदारों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इसके चलते शिक्षा और अग्निशमन विभागीय अधिकारी सतर्कता बरत रहे हैं। जहां गौतमबुद्ध नगर में शिक्षा विभाग ने खानापूरी की। वहीं पड़ोसी जिले समेत प्रदेशभर में दहाई और सैकड़े में कार्रवाई की गई।

    गौतमबुद्ध नगर जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि औचक निरीक्षण कर कोचिंग संस्थानों में जाकर पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। आगे भी अभियान चलाकर कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    यहां पर हैं कोचिंग की भरमार

    जिले के नयाबांस, मामूरा, अट्टा गांव, बरौला, हाजीपुर, रसूलपुर नवादा, सलारपुर, भंगेल, सदरपुर, रायपुर, सेक्टर 12-22, सेक्टर 18, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा में भी तमाम कोचिंग सेंटर चल रहे हैं।

    इन चार पर हुई कार्रवाई

    1. सेक्टर 104 स्थित ओम एजुकेशन कोचिंग सेंटर - बिना एनओसी संचालित, सीज
    2. सेक्टर 49 स्थित बासु कोचिंग सेंटर - बिना पंजीकरण संचालित, सीज
    3. सेक्टर 49 स्थित विक्टर कोचिंग सेंटर - बंद मिला, नोटिस जारी
    4. सेक्टर 104 स्थित साईं विनायक इंस्टीट्यूट आफ स्टडीज - बंद मिला, नोटिस जारी

    इन नियमों का उठा रहे फायदा

    मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप ने बताया कि 15 मीटर और 500 मीटर से अधिक वाले संस्थान ही एनओसी के दायरे में आते हैं। इससे कम मानक के संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है। उधर, सीएफओ ने कोचिंग सेंटर की संख्या को लेकर बताया कि एनओसी लेने वाले कोचिंग संस्थानों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है।