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    नोएडा में छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहीं बुजुर्ग महिलाएं और MBBS छात्रा, पड़ोसी की सूझबूझ से बचीं

    Updated: Sat, 11 Apr 2026 05:26 PM (GMT+05:30)

    नोएडा के सुपरटेक केपटाउन सोसायटी में साइबर ठगों ने दो बुजुर्ग महिलाओं और एक एमबीबीएस छात्रा को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने उनसे एक लाख रु ...और पढ़ें

    नोएडा में साइबर ठगों ने दो बुजुर्ग महिलाओं को छह दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

    नोएडा में साइबर ठगों ने दो बुजुर्ग महिलाओं को छह दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. दो बुजुर्ग महिलाओं, एमबीबीएस छात्रा को छह दिन डिजिटल अरेस्ट किया गया।

    2. साइबर ठगों ने एक लाख रुपये ठगे, दो लाख और मांगे।

    3. पड़ोसियों की सूचना पर एओए टीम ने तीनों को बचाया।

    जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसायटी में डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने दो बुजुर्ग महिलाओं समेत एमबीबीएस छात्रा को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। सुबह-शाम दोनों बुजुर्ग सोसायटी में घूमने जातीं थीं और पड़ोसियों से मिलतीं थीं। कई दिनों तक दोनों बहने और एमबीबीएस छात्रा सोसायटी में किसी से नहीं मिलीं।

    पड़ोसी ने इसकी सूचना सोसायटी एओए (अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएसन) को दी। सिक्योरिटी के साथ एओए टीम फ्लैट पर पहुंची। दरवाजा खुलवाया तो तीनों बेहद डरी हुईं थी। कुछ देर में तीनों ने पूरी बात बताई। साइबर ठग तीनों से एक लाख रुपये ठग चुके थे। दो लाख रुपये की और मांग कर रहे थे।

    फ्लैट में बुजुर्ग महिलाएं रहतीं हैं। दोनों बहनें हैं। बड़ी बहन कृषि मंत्रालय एवं शहरी विकास मंत्रालय से सेवामुक्त हैं। छोटी बहन की बेटी दिल्ली स्थित एक कॉलेज में एमबीबीएस छात्रा है। तीनों को सोमवार से साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट में रखा गया था।

    एओए टीम सिक्योरिटी स्टाफ के साथ फ्लैट में पहुंची

    इस दौरान पीड़िता छोटी बहन से करीब तीन लाख रुपये ठगी का प्रयास किया। एक लाख रुपये साइबर ठग ले चुके थे। एओए टीम सिक्योरिटी स्टाफ के साथ फ्लैट में पहुंची तो फाेन पर साइबर ठग थे। उन्होंने बिना देरी के फोन कट किया। तीनों को समझाया और पुलिस को सूचना दी। मामले में थाना सेक्टर-113 पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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    एओए अध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि दोनों बहनें सुबह शाम सोसायटी में कुछ निवासी और पड़ोसियों से मिलतीं थीं। छह दिन से दोनों सोसायटी में नजर नहीं आईं। पडोसी से सूचना मिली। फ्लैट पर पहुंचे तो अंदर से बंद था। काफी देर बाद दरवाजा खुला तो तीनों बेहद डरी हुईं थीं। उनको बताया गया कि वह साइबर ठगों के जाल में फंसी हुईं थीं।

    प्रेक्टिकल के लिए दो दिन गई छात्रा

    तीनों को सोमवार से डिजिटल अरेस्ट कर रखा। इस बीच एमबीबीएस छात्रा अपने कालेज दो बार प्रेक्टिकल देने गई। मां उसको कार से छोड़ने जाती थी। साइबर ठग दोनों को कार में डिजिटल अरेस्ट कर रखते थे। छात्रा प्रेक्टिकल के लिए कालेज जाती तो मां को कार में डिजिटल अरेस्ट कर रखते थे। साइबर ठगों ने तीनों को इतना डराया कि छात्रा प्रेक्टिकल के लिए पढाई भी साइबर ठगों के आगे ही करती थी।

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