चिनाब की तरह हवा में झूलेगा नोएडा का नया ब्रिज, 84 करोड़ की परियोजना तैयार; क्या होगी खासियत?
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-150 और 148 के बीच 84.16 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह बिना ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर 84.16 करोड़ का फ्लाईओवर.
सेक्टर-150 और 148 के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर.
बिना पिलर वाला आर्क ब्रिज, 610 मीटर लंबा होगा.
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-150 और सेक्टर-148 के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए नोएडा प्राधिकरण 84.16 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाएगा। इसके बनने से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के अन्य हिस्सों से सेक्टर-150 व आसपास के सेक्टरों तक सीधा रास्ता मिलेगा।
परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। तकनीकी जांच के लिए इसे आईआईटी रुड़की भेजने की तैयारी है। जांच पूरी होने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
बिना पीलर और सपोर्ट के बनेगा आर्क ब्रिज
फ्लाईओवर को नेटवर्क आर्क टाइप ब्रिज के रूप में बनाया जाएगा। इसकी खासियत यह होगी कि बीच में कोई पिलर या केंद्रीय सपोर्ट नहीं होगा। मुख्य ब्रिज का स्पैन 65 मीटर रखा गया है। इसी डिजाइन के तहत एक्सप्रेसवे के ऊपर निर्माण किया जाएगा।
प्राधिकरण महाप्रबंधक एके अरोड़ा ने बताया कि फ्लाईओवर की कुल लंबाई 610 मीटर और चौड़ाई 9.5 मीटर होगी। इसमें 545 मीटर लंबे एप्रोच और रैंप भी शामिल हैं।
फ्लाईओवर बनने से लोगों को मिलेगी मदद
परियोजना पर करीब 84.16 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वर्तमान में दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के दूसरे हिस्सों से सेक्टर-150 की ओर जाने वाले वाहन चालकों को कनेक्टिविटी के लिहाज से परेशानी होती है। फ्लाईओवर बनने से सेक्टर-150 और आसपास के सेक्टरों तक पहुंचने के लिए सीधा और समर्पित मार्ग उपलब्ध होगा।
इससे क्षेत्र में यातायात सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। प्राधिकरण ने परियोजना को करीब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
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