नोएडा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ऑनकॉल नहीं आया डॉक्टर, एक्सरे के बिना बच्चा किया रेफर; भड़के अपर निदेशक
मेरठ मंडल के अपर निदेशक ने नोएडा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। विशेषज्ञ चिकित्सकों के 'ऑन-कॉल' न पहुंचने और एक्स-रे तकनीशियन ...और पढ़ें

नाेएडा जिला अस्पताल में सामने आई लापरवाही। फोटो: आर्काइव
HighLights
अपर निदेशक ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के 'ऑन-कॉल' न आने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
एक्स-रे तकनीशियन की अनुपस्थिति से मरीजों को उपचार में दिक्कत।
जागरण संवाददाता, नोएडा। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर रूप से घायल मरीजों के तत्काल उपचार के लिए विशेषज्ञों को ऑनकाॅल बुलाने की सेवा ध्वस्त हो गई है।
चौंकाने वाली बात है कि तीन दिन पूर्व अस्पताल के स्टाफ ने लहूलुहान हालत में एक मरीज को विशेषज्ञ की परामर्श और बिना एक्सरे जांच के रेफर करने के लिए बोल दिया।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मेरठ मंडल के अपर निदेशक इमरजेंसी में आनकाल विशेषज्ञ न बुलाने और एक्सरे के बिना मरीज रेफर करने पर भड़क गए। उन्होंने स्टाफ को फटकार लगाकर सीएमएस से मामले में जवाब तलब किया है।
घायल बच्चे को बिना विशेषज्ञ परामर्श रेफर करने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई को नोएडा के एक परिवार ने सात वर्षीय आदिल को गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। बच्चे की हड्डी में काफी चोट लगी थी, जिससे खून लगातार बह रहा था।
स्टाफ ने घायल बच्चे का खून साफ किया और पट्टी बांध दी। हैरानी की बात है कि स्टाफकर्मी ने ऑर्थोपैडिक विशेषज्ञ को बुलाने के लिए न तो इमरजेंसी काॅल की और न ही उसकी चोट का सटीक पता लगाने के लिए एक्सरे किया। बावजूद इसके स्टाफकर्मी ने बच्चे को दूसरे अस्पताल रेफर करने के लिए बोल दिया।
औचक निरीक्षण में खुली इमरजेंसी की पोल
अब इस घटनाक्रम के बीच अपर निदेशक डाॅ. मनोज कुमार सेन जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर रहे थे। इमरजेंसी में पहुंचकर उन्होंने मरीजों से बातचीत की तो व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे।
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अपर निदेशक ने बच्चे की स्थिति देखी और स्टाफ से विशेषज्ञ को आनकाल बुलाकर परामर्श देने व एक्सरे-जाने के लिए पूछा, तो जवाब में कहा कि इमरजेंसी में एक्सरे-तकनीशियन की डयूटी नहीं है और विशेषज्ञ भी आनकाल बुलाने पर नहीं आते हैं।
इतना सुनकर अपर निदेशक भड़क गए। उन्होंने सीएमएस को निर्देश देकर व्यवस्था बनवाकर मरीज का सफल उपचार शुरू किया।
सीएमएस से मांगा जवाब, व्यवस्था पर उठे सवाल
सूत्र बताते हैं कि 25 जुलाई की दोपहर बाद भी रेडियोलाजी विभाग में एक्सरे-तकनीशियन के न होने की शिकायत सीएमएस से की गई।
अब सवाल ये है कि क्या अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में व्यवस्था रामभरोसे चल रही है या फिर जिम्मेदार चिकित्सक अपने कर्तव्यों का पालन न कर शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं ?
इमरजेंसी विभाग में आर्थोपेडिक विशेषज्ञ और एक्सरे-टेक्नीशियन को न बुलाने पर अपर निदेशक ने नाराजगी जाहिर की थी। उनके निर्देश पर स्टाफ को सख्त हिदायत दी गई है।
किसी मरीज को स्वास्थ्य सेवा एवं उपचार में किसी तरह की दिक्कत न हो। इसका विशेष ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल अपर निदेशक ने लिखित में जवाब-तलब नहीं किया है।
- डाॅ. अशोक कुमार झा-सीएमएस, जिला अस्पताल
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