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    नक्सलियों और आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन रही अवैध कॉलोनियां, ग्रेटर नोएडा को लेकर उठे सवाल

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 03:19 PM (IST)

    गौतमबुद्ध नगर में एटीएस द्वारा चार आतंकियों की गिरफ्तारी ने स्थानीय एलआईयू की विफलता उजागर की है। अवैध कॉलोनियां, जैसे छपरौला की राम विहार, बिना सत्या ...और पढ़ें

    छपरौला गांव स्थित लोकेश उर्फ पपला पंडित का घर। जागरण

    छपरौला गांव स्थित लोकेश उर्फ पपला पंडित का घर। जागरण

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    संक्षेप में पढ़ें

    अजब सिंह भाटी, ग्रेटर नोएडा। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) द्वारा चार आतंकियों के गिरफ्तार किए जाने के बाद गौतमबुद्ध नगर की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) एक बार फिर फेल साबित हुई है।

    यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर की कॉलोनियों व गगनचुंबी इमारतों में छिपकर बैठे नक्सली, मोस्ट वांटेड व आतंकी संगठनों से जुड़े लोग पकड़े जा चुके हैं।

    अवैध तरीके से बसाई गई कॉलोनी

    बाहर की सुरक्षा एजेसियां उन्हें तलाशकर अपने साथ ले गई और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को इनकी भनक तक नहीं लगी। एनसीआर में अवैध कॉलोनियां कुकरमुत्ते की तरह फैली है। जहां सत्यापन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाता। जिस छपरौला स्थित राम विहार कॉलोनी में आतंकी विकास गहलावत उर्फ रौनक व लोकेश उर्फ पपला पंडित रहते थे। वह कॉलोनी अवैध तरीके से बसाई गई है।

    बताया कि इस दस हजार से अधिक की आबादी वाली कॉलोनी में अधिकांश लोग बिना सत्यापन के निवास कर रहे हैं। पांच हजार के करीब किरायेदार है। किसी का भी सत्यापन नहीं हुआ है।

    देश की राजधानी की सुरक्षा में भी सेंध

    लोगों का कहना है कि किरायेदारों की आड़ में कॉलोनी नक्सली व आतंकियों के छिपने का सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। किरायेदारों का सत्यापन न होने की वजह से कॉलोनी व बहुमंजिला इमारतों में बैठकर न केवल अवैध धंधा कर रहे हैं बल्कि आपराधिक गतिविधियों को बैठकर अंजाम दे रहे हैं। जो कहीं न कहीं देश की राजधानी की सुरक्षा में भी सेंध है।

    केस एक : नोएडा में पकड़े गए थे नौ नक्सली

    16 अक्टूबर 2016 को यूपी ऐंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने नोएडा में नो संदिग्ध नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। संदिग्ध नक्सली नोएडा के हिंडन विहार कालोनी में किराए पर रह रहे थे।इनके पास से काफी तादाद में विस्फोटक, डेटोनेटर और हथियार बरामद किए गए थे।

    केस दो : महिला मित्र के साथ रह रहा था नक्शली

    11 जुलाई 2022

    ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 50 हजार रुपये के ईनामी नक्सली कोड़ा उर्फ कारेलाल कोड़ा और उसकी महिला साथी पायल उर्फ पोली निवासी लखीसराय (बिहार) को बिहार की एसटीएफ ने बिसरख कोतवाली पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था। दोनों पति-पत्नी बनकर ग्रेनो वेस्ट में रह रहे थे।

    खबरें और भी

    पकड़ा गया नक्सली मुंगेर के कुछ नक्सलियों के ग्रुप का एरिया कमांडर था। इसने वहां आतंक मचाया हुआ था। 19 सितंबर 2021 को बिहार के मुंगेर जिले में सुरक्षा बलों, पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ के दौरान दोनों बिहार पुलिस और सुरक्षा बलों को चकमा देकर फरार हो गए थे। और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रह रहे थे।

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    केस तीन: पत्नी के साथ ग्रेनो में छिपा था मोस्ट वांडेट आशीष

    नौ अगस्त 2024 को झारखंड के देवधर के मोस्ट वांटेड व गिराेह सरगना आशीष मिश्रा को ग्रेनो वेस्ट स्थित विहान अपार्टमेंट से दबोचा गया था। वह अपनी गर्भवती पत्नी के साथ यहां सामान्य व्यक्ति की तरह किराये पर रह रहा था। उसके गिरोह के तीन साथियों को सितंबर 2023 में नोएडा फेज तीन थाना क्षेत्र के ममूरा से गिरफ्तार किया था।

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