17 आरएमसी प्लांट, 600 ट्रक... नोएडा के लाखों लोगों की सांस को कर रहे प्रदूषित
यमुना खादर में अवैध आरएमसी प्लांट एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। विधायक के पत्र के बावजूद इनकी संख्या बढ़ी, जिससे नोएडा के लाखों ...और पढ़ें

सेक्टर-135 में चलता आरएमसी प्लांट।
HighLights
यमुना खादर में अवैध आरएमसी प्लांटों की बाढ़
एनजीटी के आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है
लाखों लोगों और यमुना नदी पर गंभीर प्रदूषण प्रभाव
प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। यमुना खादर में आई अवैध आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांट की बाढ़ आई हुई है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों को दरकिनार कर यह प्लांट संचालित हो रहे हैं। सेक्टर-94 से 135 तक 17 आरएमसी और चार हाटमिक्स प्लांट संचालित हो रहे हैं। बीते वर्ष अक्टूबर में दादरी विधायक तेजपाल नागर ने जिलाधिकारी को पत्र लिख सेक्टर-150 क्षेत्र कार्रवाई कर आरएमसी प्लांट को बंद कराने के लिए कहा था। पत्र के बाद यमुना खादर में चार नए प्लांट और शुरू हो गए हैं।
बता दें आरएमसी प्लांट की वजह से इन क्षेत्रों से प्रतिदिन 600 ट्रक गुजरते हैं यह धूल उड़ाकर हवा को प्रदूषित कर रहे हैं। ट्रकों से उड़ती धूल सेक्टर 126, 128, 131, 133, 134 और 135 की घनी आबादी पर पड़ रहा है, साथ ही एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग भी प्रभावित हैं। आरएमसी और हाटमिक्स प्लांट से निकलने वाले पानी को सीधे छोड़कर यमुना को प्रदूषित किया जा रहा है।
प्लांट से निकलने वाल रसायनिक अपशिष्ट सीधे यमुना जल में मिल रहे हैं। पूर्व में जेपी विशटाउन होम बायर्स वेलफेयर सोसायटी की ओर से नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की थी।
नोएडा के छह सेक्टर और एक दर्जन से अधिक गांवों और इसके आसपास के क्षेत्रों में चार लाख से अधिक आबादी रहती है। आरएमसी और हाटमिक्स प्लांट की संचालित होने से बढ़ रहे प्रदूषण से यह प्रभावित हो रही है। कंक्रीट लेकर गुजरते ट्रकों से सड़कें खराब हो रहीं हैं। ट्रकों से उड़ती धूल से पुस्ता मार्ग पर दृष्यता भी 20 मीटर तक रह जाती है।
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मैं खुद ब्रोंकाइटिस का मरीज और वरिष्ठ नागरिक हूं। गैरकानूनी रूप से चल रहे आरएमसी. प्लांटों ने सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों का मज़ाक़ बना दिया है। यहां जो स्वस्थ्य है वह भी बीमार हो जाएगा। लगातार शिकायतें कर रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
हरीश चंद्र अरोड़ा, निवासी जेपी विशटाउन
गैरकानूनी रूप से स्थापित व चल रहे आरएमसीक्षकंक्रीट बैचिंग प्लांट, सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों को हवा में उडाते हुए जनता को मुंह चिढ़ाते हैं। यह प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी से मात्र 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर धड़ल्ले से चल रहे हैं।
- एसके माहेश्वरी, महासचिव जेपी विश टाऊन होम बायर्स वेलफेयर सोसाइटी