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क्या आपका बच्चा भी डेकेयर जाता हैं? अब सभी की होगी मॉनिटरिंग, बच्ची की पिटाई के बाद जागी नोएडा पुलिस

Updated: Tue, 09 Jun 2026 09:30 PM (IST)

डेकेयर में बच्ची से मारपीट की घटना के बाद नोएडा पुलिस ने 'ऑपरेशन अपराजय' शुरू किया है। यह ऑपरेशन कामकाजी माता-पिता और दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है।

अब डेकेयर में हर बच्चे की मॉनीटरिंग करेगी नोएडा पुलिस। फोटो: एआई जनरेटेड

अब डेकेयर में हर बच्चे की मॉनीटरिंग करेगी नोएडा पुलिस। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. डेकेयर घटना के बाद नोएडा पुलिस ने 'ऑपरेशन अपराजय' शुरू किया

  2. कामकाजी माता-पिता और दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा पर निगरानी

  3. 80 महिला बीट अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा हेतु प्रशिक्षित किया गया

जागरण संवाददाता, नोएडा। अगस्त 2025 में सेक्टर 142 पारस टियेरा सोसायटी स्थित डेकेयर में 15 माह की बच्ची को केयरटेकर द्वारा पीटने की घटना के बाद यह सवाल उठता है कि कामकाजी माता-पिता के बच्चों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों की देखभाल कितनी सुरक्षित है।

क्या केयरटेकर बच्चों का सही तरीके से ख्याल रख रहे हैं या केवल नौकरी निभा रहे हैं। अब इन बच्चों की देखभाल में खामियों को पकड़ने की जिम्मेदारी नोएडा पुलिस ने ली है। बीट पुलिसिंग के कर्तव्य में इस निगरानी को शामिल किया गया है।

पुलिस माह में एक बार बच्चों के साथ-साथ माता-पिता और केयरटेकर से संपर्क करेगी। इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से संबंधित संभावित घटनाओं को रोकना है। इस पहल को लागू करने के लिए मंगलवार को पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सेक्टर 108 स्थित कार्यालय में आपरेशन अपराजय की शुरुआत की।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर के तीनों जोन में 1645 दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया गया है। मिशन शक्ति केंद्र और बीट पुलिस परिवार, बच्चों और केयरटेकर से संवाद करेगी।

यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों की देखभाल करने वाला केयरटेकर प्रशिक्षित और संवेदनशील है या नहीं। क्या देखभाल के बहाने बच्चों का शोषण तो नहीं किया जा रहा है, या फिर कोई गिरोह तो नहीं चल रहा है।

यह सब निगरानी बीट पुलिसिंग के माध्यम से की जाएगी। इस संबंध में केयरटेकर और बच्चों का ब्यौरा रखने की जिम्मेदारी बीट अधिकारी की होगी। बीट अधिकारी निगरानी के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया कराएंगे।

80 पुलिसकर्मियों को दिलाई गई ट्रैनिंग 

अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि इस आपरेशन में महिला बीट अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे 80 बीट अधिकारियों को मैक्स हास्पिटल नोएडा और एमिटी विवि के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।

उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण और साफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी गई है। इस कार्यक्रम और पहल की नोडल अधिकारी डीसीपी महिला सुरक्षा सुनिति सिंह हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्ययोजना दिव्यांग बच्चों और कामकाजी माता-पिता के बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, और उनके अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण प्रयास है।

'नोएडा पुलिस साइबर' यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर

प्रभारी डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने मंगलवार को ''नोएडा पुलिस साइबर'' नाम से यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर नया पेज बनाए हैं। उन्होंने साइबर ठगी से बचाव संबंधी जारी किए दो वीडियो की जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को ठगों से बचने के लिए जागरूक होना चाहिए।

ठगी से बचने के लिए पुलिस की हर अपील को ध्यान से सुनने के साथ उसका पालन भी करना चाहिए। साइबर ठग एआइ का भी प्रयोग कर ठगी कर रहे हैं।

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