‘मशीन समझते हैं मालिक’, 12 हजार में 12 घंटे काम, न ओवरटाइम का पैसा न ब्रेक, श्रमिकों का फूटा गुस्सा- कैसे करें गुजारा?
नोएडा और एनसीआर में श्रमिक कम वेतन और बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण धरने के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किय ...और पढ़ें
HighLights
नोएडा में श्रमिक कम वेतन (10-12 हजार) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे।
शांतिपूर्ण धरने के दौरान पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया।
जिलाधिकारी ने श्रमिक कल्याण और नए श्रम कानूनों का आश्वासन दिया।
डिजिटल डेस्क, नोएडा। 'हम शांति से धरना दे रहे थे। फिर भी पुलिस वालों ने हमें मारना शुरू कर दिया। आज के समय में भी मात्र 10 से 11 हजार रुपये की मंथली सैलरी है। हम घर कैसे चलाएं?' नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पलवल समेत एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का मन भर आ रहा है।
वे कम वेतन की दिक्कत से जूझते हुए थक से गए हैं। सोमवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। जब मजदूरों से बात की गई तो कमोबेश सबकी कहानी एक सी है। दसियों साल से काम करने वाले भी मात्र 10 से 12 हजार में काम करने को मजबूर हैं।
श्रमिक बोले, 'कंपनी के मालिक हमें मशीन समझते हैं। ओवरटाइम का रुपया भी नहीं मिलता। 12-12 घंटे तक काम करने के बाद भी 12 हजार वेतन पाते हैं। आप ही बताइये कि हम गुजारा कैसे करें?'
मानक से कम वेतन से हुए परेशान
प्रदर्शन कर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे श्रमिकों से बातचीत करते ही वे फट पड़ रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे बरसों से दुख अब उबलकर कलेजे से बाहर आ रहा है। वे कम वेतन से त्रस्त हैं।बढ़ती महंगाई के बीच अधोमानक सैलरी और ठेकेदारों के चंगुल में उलझे श्रमिक प्रदर्शन कर अपना वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
जो कंपनी खुली मिली, वहां किया हमला
इस बीच नोएडा के फेस टू के हाजरी कंपलेक्स में जो भी फैक्ट्री आज खुली दिखी या संचालित मिली, उसमें तोड़फोड़ की गई। श्रमिकों के पीछे छुपे अराजक तत्वों ने ऐसी कंपनियों में घुसकर उत्पात मचाते हुए संपत्ति को क्षति पहुंचाया। इस बीच भाजपा नेता संजय बाली की फैक्ट्री भी चलती देख, श्रमिक उसमें अंदर घुस गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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#WATCH | Laxmi, one of the protesters, says, "I work at Motherson. They are paying us less salary. We want more. When we staged a sit-in protest, they beat us up with no fault of ours. Cylinders, vegetables and everything are expensive...We were beaten up when we protested today.… https://t.co/Vrlihfk4bT pic.twitter.com/Bv4h86o0cp
— ANI (@ANI) April 13, 2026
प्रदर्शनकारियों में शामिल लक्ष्मी ने समाचार एजेंसी से कहा, 'मैं मदरसन कंपनी में काम करती हूं। हमें बहुत कम सैलरी दी जा रही है। हम ज्यादा सैलरी चाहते हैं। जब हम धरना दे रहे थे, तो बिना किसी गलती के हमें पीट दिया गया। सिलिंडर, सब्जी और हर चीज महंगी हो गई है... आज जब हम प्रदर्शन कर रहे थे, तब भी हमें पीटा गया। मेरे पैरों पर लात मारी गई। मैं मांग करती हूं कि हमें 20,000 रुपये मासिक सैलरी दी जाए। तभी हमारा गुजारा चल पाएगा, वरना प्रदर्शन जारी रहेगा।'
ठेकेदारों ने भी कर रखा है त्रस्त
वहीं, एक अन्य महिला श्रमिक सपना ने कहा, 'अच्छा है, हम लोग तो रोज परेशान होते हैं। कम से कम इस प्रदर्शन से कंपनी के अधिकारियों तक हमारी बात तो पहुंचेगी। हो सकता है कि हमारी कुछ सैलरी बढ़ जाए। हम भी अपना घर आसानी से चला सकें।' वहीं, एक सिक्योरिटी गार्ड ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'श्रमिकों का हाल बहुत बुरा है। हम लोगों को भी कोई अच्छा वेतन नहीं मिलता। हम लोग 12 घंटे काम करते हैं। सैलरी 12 हजार मिलती है। ठेकेदार हमें एक बार नौकरी पर लगाकर हर महीने रुपया लेते रहते है।'
*जिलाधिकारी की श्रमिकों से अपील*
— DM NOIDA Gautam Buddha Nagar (@dmgbnagar) April 12, 2026
सभी श्रमिक भाई एवं बहन शांतिपूर्वक कार्यस्थल पर पहुंचकर कार्य करें तथा जिले में सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग। अफवाहों पर ध्यान न दें। श्रमिकों सहायता हेतु कंट्रोल रूम नम्बर: 120-2978231,120-2978232,120-2978862,120-2978702 pic.twitter.com/VVphIVaNpl
शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की जा रही
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक व उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। औद्योगिक शांति एवं श्रमिक कल्याण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नवीन श्रम संहिताओं के तहत श्रमिकों के हित में न्यूनतम वेतन की गारंटी, समय पर पूरा वेतन भुगतान, समान कार्य-समान वेतन, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, कार्य समय का नियमन, शोषण पर रोक, ईपीएफ व ईएसआइ, ग्रेच्युटी, असंगठित व गिग श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा जैसे कई नियम ला रहे हैं।
इसके अलावा रोजगार सुरक्षा, छंटनी की स्थिति में विधिक मुआवजा, नोटिस वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, साप्ताहिक अवकाश, महिला श्रमिकों के लिए प्रविधान व शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है।
कंट्रोल रूप के नंबर को करें डायल
उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कारखाना प्रबंधन को निर्देश दिया कि शासन द्वारा गाइडलाइंस को प्रत्येक इकाई के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा करें।
श्रमिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कारखाना प्रबंधन जल्द सौहार्दपूर्ण संवाद स्थापित कर शासन की गाइडलाइंस के अनुरूप समुचित जानकारी उपलब्ध कराए। श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे चालू रखें।
जनपद में शांति व्यवस्था बनाने के लिए कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर-1202978231, 1202978232, 1202978862, 1202978702 पर औद्योगिक इकाइयां व श्रमिक किसी भी समस्या की सूचना दे सकते हैं।
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