16 जुलाई को नोएडा आ सकती हैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 16 जुलाई को नोएडा के सेक्टर-121 स्थित जगन्नाथ मंदिर में आने की संभावना है, जहां रथयात्रा महोत्सव मनाया जाएगा। प्रशासन ने ...और पढ़ें

जगन्नाथ मंदिर आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु। फोटो: आर्काइव
HighLights
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 16 जुलाई को नोएडा आगमन संभावित
जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा महोत्सव के दौरान करेंगी पूजा
प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज कीं
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-121 में स्थित जगन्नाथ मंदिर में 16 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन की संभावना हैं। इसी दिन जगन्नाथ पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का महोत्सव मनाया जाएगा और मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाना है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए पुलिस, जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने मंदिर परिसर का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
मंदिर की सुरक्षा की जा रही पुख्ता
दो दिन पहले भी जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक टीम मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा ले चुकी है। राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के आसपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
ट्रैफिक डायवर्जन की भी तैयारी
यदि राष्ट्रपति का सड़क मार्ग से आगमन होता है तो ट्रैफिक डायवर्जन की योजना तैयार की जा रही हैं कि किन मार्गों पर डायवर्जन लगाया जाए और वैकल्पिक मार्ग क्या होंगे। हवाई मार्ग की स्थिति में हेलीपैड और लैंडिंग जोन की भी पहचान की जा रही है।
मंदिर परिसर में साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और वीवीआइपी मूवमेंट के लिए अलग से प्रवेश द्वार बनाने पर भी चर्चा हुई है। प्राधिकरण की टीम ने मंदिर के आसपास की सड़कों और सर्विस लेन की मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
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16 जुलाई को निकलेगी रथयात्रा
जगन्नाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। मंदिर में 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया है। अभी राष्ट्रपति कार्यालय से पुष्टि होना आना बाकी है, लेकिन तैयारियों को अंतिम रूप देने में प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।