रक्षाबंधन से पहले नोएडा और गाजियाबाद की रफ्तार पर ब्रेक, 3 घंटे से लगा 15 किमी लंबा जाम
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर नोएडा और गाजियाबाद की सड़कों पर भारी जाम लग गया, जिससे भाई के घर जा रही बहनों और अन्य यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

नोएडा में छिजारसी पर लगा लंबा जाम। फोटो: जागरण
HighLights
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर नोएडा-गाजियाबाद में भारी जाम
यात्रियों को 15 किमी का सफर तय करने में लगे तीन घंटे
रोडवेज बसों की व्यवस्था भी जाम के आगे हुई फेल
जागरण संवाददाता, नोएडा-गाजियाबाद। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर भाई के घर पहुंचने की जल्दी में निकली बहनों और महिलाओं के लिए नोएडा और गाजियाबाद की सड़कें बड़ी परेशानी बन गईं।
शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ा कि कई जगह यातायात रेंगता रहा। खासकर छिजारसी के पास मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ जाने वाले मार्ग पर जाम ने यात्रियों को बेहाल कर दिया। यही हाल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का भी रहा, जहां तक नजर गई, वहां पर गाड़ियों की लाइन ही दिखी।
गाजियाबाद और नोएडा में करीब तीन घंटे से 15 किलोमीटर लंबा जाम लगा। सेक्टर-62, सेक्टर-44, सेक्टर-35, पर्थला चौक, छिजारसी, बहलोलपुर और अन्य प्रमुख मार्गों पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। जाम में निजी वाहन ही नहीं, रोडवेज बसें भी फंस गईं। इसका सीधा असर बसों के इंतजार में खड़े यात्रियों पर पड़ा।

बस स्टैंड तक पहुंचना और वहां से निकलना
रक्षाबंधन पर घर जाने के लिए महिलाएं और युवतियां बृहस्पतिवार सुबह से ही बस डिपो और प्रमुख बस स्टैंड पर पहुंचने लगी थीं। दोपहर के बाद सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ रोडवेज बसों की आवाजाही भी प्रभावित होने लगी।
मोरना डिपो, सेक्टर-44, सेक्टर-62 और अन्य बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई। बसें जाम में फंसने से यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर, लोनी और संभल समेत अन्य स्थानों की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अलीगढ़ जाने वाले कुछ यात्रियों को चार से पांच घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। बस आने के बाद भी सीट मिलना आसान नहीं था।

जाम में फंसी बसें, सड़क किनारे इंतजार करती रहीं महिलाएं
छिजारसी के पास जाम की स्थिति सबसे अधिक परेशानी भरी रही। मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में बसें भी फंसी रहीं, जबकि सड़क किनारे बड़ी संख्या में यात्री बसों के इंतजार में खड़े नजर आए।
छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहीं महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। उन्हें जाम के बीच बसों तक पहुंचने और बसों में सीट हासिल करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी।

त्योहार पर बढ़ी भीड़ के आगे प्रबंधन पड़ा कमजोर
रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ने वाली संख्या को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों ने बसों के फेरे बढ़ाने और लंबे रूटों पर बेहतर व्यवस्था के दावे किए थे। लेकिन यात्रियों की भारी भीड़ और प्रमुख मार्गों पर लगे जाम के कारण व्यवस्था प्रभावित हो गई।
कई यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों से सफर करना पड़ा। डिपो पर बसों की स्पष्ट घोषणा न होने से भी यात्रियों को अपने गंतव्य की बसों की जानकारी हासिल करने में परेशानी हुई।
स्थिति को देखते हुए पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए यात्रियों को डिपो के अंदर भेजकर बसों में बैठाने की व्यवस्था करनी पड़ी।
रक्षाबंधन पर मुफ्त यात्रा का लाभ लेने और घर पहुंचने के लिए निकली महिलाओं के लिए इस बार सबसे बड़ी चुनौती बस का किराया नहीं, बल्कि जाम से निकलकर समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना बन गई।
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