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    1000 साल पुराना मंदिर और सिर कटे नंदी! जानिए ग्रेटर नोएडा के नानकेश्वर महादेव की अनोखी कहानी

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 03:37 PM (GMT+05:30)

    ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में स्थित नानकेश्वर महादेव मंदिर 1000 साल से भी अधिक पुराना है, जहां सावन में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। ...और पढ़ें

    नानकेश्वर महादेव मंदिर की तस्वीर।

    नानकेश्वर महादेव मंदिर की तस्वीर।

    HighLights

    1. ग्रेटर नोएडा में 1000 साल से भी पुराना नानकेश्वर महादेव मंदिर।

    2. मंदिर में प्राकृतिक शिवलिंग और सिर कटे नंदी विराजमान हैं।

    3. सावन में भक्तों की भारी भीड़, मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। सावन का महीना शुरू हो चुका है और इसके साथ भोले के भक्तों का शिवालयों में पहुंचने का दौर भी जारी है। ऐसे में हम आपको अपनी खास पेशकश में ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर के बारे में बता रहे हैं, जिसका इतिहास 1000 साल से भी पुराना है। यह मंदिर है- नानकेश्वर महादेव मंदिर, इस मंदिर तक कैसे पहुंचना है और इसका इतिहास क्या है, पढ़ें पूरी खबर...

    रबूपुरा क्षेत्र के गांव भाईपुर ब्राह्मन स्थित श्री नानकेश्वर महादेव शिव मंदिर में सावन के दिनों में माहौल भक्तिमय हो जाता है। सुबह लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की जल व दुग्धाभिषेक को भीड़ उमड़ती है। शिवरात्रि के दिन हजारों शिवभक्त जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लगना शुरू हो जाती है।

    मंदिर का इतिहास

    मंदिर का इतिहास एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है। यमुना नदी के किनारे यमुना एक्सप्रेसवे के नजदीक 1984 में मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया था। यह प्राचीनतम मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है।

    यहां साल में दो बार कांवड़ मेले आयोजन किया जाता है। यहां हजारों की संख्या में देश भर के शिवभक्त पहुंचते हैं। मंदिर परिसर 15 एकड़ में फैला हुआ है, जहां स्कूल और गोशाला संचालित किए जाते हैं।

    मंदिर की विशेषता

    यहां शिवलिंग प्राकृतिक रूप से स्थापित है। मंदिर में महादेव सिर कटे नंदी के साथ विराजमान है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भक्ति करने पर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। यहां साल भर प्रत्येक सोमवार को भारी भीड़ रहती है।

    ऐसे पहुंचें मंदिर

    पहली बार मंदिर को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है। यमुना एक्सप्रेसवे फलैदा कट से मंदिर की दूरी दो किलोमीटर है। मंदिर पहुंचने के लिए हर समय वाहन सुविधा उपलब्ध रहती है।

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