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    ग्रेटर नोएडा में बिना बीमा-फिटनेस दौड़ रहीं बसें, विभाग को लाखों का नुकसान

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 11:46 PM (IST)

    ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर बिना बीमा, फिटनेस और रोड टैक्स वाली बसें धड़ल्ले से चल रही हैं। इससे परिवहन विभाग को हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा है ...और पढ़ें

    शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से मानक विहीन बसें फर्राटा भर रही हैं।

    शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से मानक विहीन बसें फर्राटा भर रही हैं।

    HighLights

    1. बिना बीमा, फिटनेस, रोड टैक्स के चल रही हैं बसें।

    2. परिवहन विभाग को हर महीने लाखों रुपये का चूना।

    3. यात्रियों की जान जोखिम में, असुरक्षित वाहन संचालन।

    आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से मानक विहीन बसें फर्राटा भर रही हैं। इससे हर महीने विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है और जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। मानक विहीन वाहनों में यात्रा करने वाली रोजाना यात्रियों की जान भी यात्रा में जोखिम भरी रहती है।

    बता दें कि ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा, आगरा, बुलंदशहर, मथुरा, खुर्जा, गाजियाबाद के अलावा आसपास के शहरों के रोजाना दर्जनों निजी बसें सड़कों पर दौड़ती हैं। इनमें अधिकतर बसें मानकों के विपरीत सड़कें पर धड़ल्ले से फर्राटा भरती रहती हैं।

    इसके बाद भी जिम्मेदारों की नजर इन पर नहीं जा रही हैं। कई बसें ऐसी भी हैं कि उनका वर्षों पहले ही बीमा, फिटनेस, रोड टैक्स की अवधि खत्म होने के अलावा उन बसों के 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक चालान बकाया हैं। ऐसी बसें हर महीने विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।

    बीमा-फिटनेस खत्म होने के बाद मौत बनकर रहीं दौड़ रहीं बसें

    परी चौक मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी बस नंबर यूपी 16 केटी 5189 का बीमा, फिटनेस और रोड़ टैक्स एक वर्ष पहले ही समाप्त हो चुका है और करीब 80 हजार रुपये से अधिक का चालान कटा हुआ है। इसी तरह से यूपी 16 एसटी 4732 नंबर की बस का भी फिटनेस, बीमा एक वर्ष पहले ही खत्म हो चुका है और इसके 23 चालान कटे हुए हैं।

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    इसके बाद भी यह बसें धड़ल्ले से ग्रेटर नोएडा से नोएडा के अलावा अन्य आसपास के शहरों के लिए दौड़ रही हैं। इसी तरह की अन्य दर्जनों बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं और इनकी ओर जिम्मेदारों की नजर ही नहीं जा रही है।

    ऐसी बसों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही परिवहन विभाग से बात कर इन बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कदम उठाए जाएंगे। - शैलेंद्र कुमार सिंह, डीसीपी ट्रैफिक

    ऐसे वाहनों को चिह्नित कर अभियान के तहत कार्रवाई की जा रही है और यह आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। - उदित नारायण, एआरटीओ प्रवर्तन

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