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यमुना एक्सप्रेसवे पर जापान की तर्ज पर लगें 'वाटर स्प्रिंकलर', कंक्रीट पर बिछे बिटुमिन... हादसों को रोकने के लिए कोनरवा का प्लान

Published: Fri, 15 May 2026 03:05 AM (IST)Updated: Fri, 15 May 2026 05:44 AM (IST)

कोनरवा ने यमुना एक्सप्रेसवे पर गर्मियों में होने वाले हादसों को रोकने के लिए यीडा सीईओ को ज्ञापन सौंपा। संगठन ...और पढ़ें

कोनरवा ने यमुना एक्सप्रेसवे पर गर्मियों में होने वाले हादसों को रोकने के लिए यीडा सीईओ को ज्ञापन सौंपा।

कोनरवा ने यमुना एक्सप्रेसवे पर गर्मियों में होने वाले हादसों को रोकने के लिए यीडा सीईओ को ज्ञापन सौंपा।

HighLights

  1. गर्मियों में टायर फटने से हादसे रोकने की मांग।

  2. एक्सप्रेसवे पर बिटुमिन परत बिछाने का सुझाव।

  3. जापान की तरह जल स्प्रिंकलर प्रणाली लगाने की अपील।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर गर्मियों के दौरान हादसे पर अंकुश के लिए कान्फेडरेशन आफ एनसीआर रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (कोनरवा) ने बृहस्पतिवार को यीडा सीईओ को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के लिए उचित उपाय करने की मांग की। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित टोल वृद्धि का भी विरोध किया।

काेनरवा अध्यक्ष डॉ. पीएस जैन ने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे से लाखों यात्रियों को आवागमन होता है। गर्मियों में अप्रैल से जुलाई के दौरान एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाएं चिंताजनक है। पांच साल में गर्मियों के दौरान कुल 915 दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें से 225 दुर्घटना केवल वाहनों के टायर फटने के कारण हुई हैं। इसमें कई लोगों की असामयिक मृत्यु हुई है। उनके परिवारों को क्षति उठानी पड़ी है।

यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण कंक्रीट से हुआ है। गर्मियों में कंक्रीट ताप अवशोषित करने के कारण टायरों में वायु-दाब बढ़ जाता है, जिससे टायर फटने की संभावना बढ़ जाती है। इससे वाहन असंतुलित होकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। हादसे रोकने के लिए एक्सप्रेसवे की कंक्रीट सतह पर बिटुमिन की लेयर बिछाई जाए तो सड़क की ऊष्मा अवशोषण क्षमता नियंत्रित होगी। टायरों पर पड़ने वाले प्रत्यक्ष तापीय प्रभाव को कम करेगी, जिससे टायर फटने की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

इसके साथ ही जापान की तरह एक्सप्रेसवे के संवेदनशील हिस्सों पर आधुनिक जल स्प्रिंकलर प्रणाली स्थापित होनी चाहिए। जापान में रोड पर पानी के स्प्रिंकलर लगाए जाते है जो की रोड की सतह से चिपके हुए होते है। जिससे समय समय पर पानी निकलता रहता है।

एक्सप्रेस वे पर तापमान को नियंत्रित करने के लिए इसे अपनाया जाना चाहिए। सीवेज ट्रीटमेंट प्लाट के संशोधित पानी का उपयोग कर एक्सप्रेसवे के तापमान को कम रखने के साथ ही ग्रीन बेल्ट में लगे पौधों की सिंचाई भी हो सकेगी।

उन्होंने एक्सप्रेसवे पर टोल की दरें एनएचएआइ के अनुरूप करने की मांग की। कहा कि एनएचएआइ द्वारा कार से प्रति किमी 1.50 से 2.20 रुपये लिया जाता है। जबकि यमुना एक्सप्रेसवे पर 2.95 रुपये प्रति किमी है। दोपहिया वाहन को बिना टोल संचालित करने की भी मांग की है।

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