नोएडा एयरपोर्ट कार्गो टर्मिनल को जोड़ने वाली सड़क क्यों रुकी? सामने आई बड़ी वजह
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 130 मीटर सड़क का भविष्य ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के फैसले पर निर्भर है। भूमि अधिग्रहण दरों में असमानता और कनेक्टिविटी की चुन ...और पढ़ें

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 130 मीटर सड़क का भविष्य ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के फैसले पर निर्भर है। इमेज एआई
HighLights
यीडा की 130 मीटर सड़क ग्रेटर नोएडा के फैसले पर निर्भर।
भूमि मुआवजा दरों में असमानता सड़क निर्माण में बड़ी बाधा।
नोएडा एयरपोर्ट कार्गो टर्मिनल को मिलेगी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 130 मीटर सड़क का भविष्य ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर टिका है। यीडा इस सड़क के निर्माण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भेज चुका है, लेकिन इस सड़क का फायदा तभी होगा, जब ग्रेटर नोएडा अपने अधिसूचित क्षेत्र में 130 मीटर सड़क का निर्माण यीडा की सीमा तक कर दे। अभी ग्रेटर नोएडा में यह सड़क सिरसा तक ही बनी है। यीडा सड़क निर्माण के लिए ग्रेटर नोएडा के फैसले का इंतजार कर रहा है।
यमुना प्राधिकरण में दनकौर क्षेत्र से शुरू होकर 130 मीटर सड़क एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के मास्टर प्लान में प्रस्तावित खुर्जा पलवल एक्सप्रेसवे तक प्रस्तावित है। यही सड़क नोएडा एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल को भी कनेक्टिविटी देती है। कार्गो टर्मिनल की कनेक्टिविटी के लिए यीडा इस सड़क के करीब सात किमी हिस्सा का निर्माण एनएचएआइ से कराने जा रहा है।
एनएचएआइ को इसके लिए राशि भी जारी कर दी गई है। कार्गो टर्मिनल से यह सड़क खुर्जा पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी, लेकिन दनकौर क्षेत्र से लेकर एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक सड़क निर्माण के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
130 मीटर सड़क ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चार मूर्ति चौक से शुरू होकर सिरसा तक करीब 27 किमी बनी हुई है। सिरसा से आगे दनकौर क्षेत्र में यीडा की सीमा तक अभी सड़क का 10 किमी निर्माण और होना है, लेकिन दाेनों प्राधिकरण के बीच जमीन की मुआवजा दर की असमानता भी सड़क निर्माण की बड़ी बाधा है। यीडा में मुआवजा दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर है।
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ग्रेटर नोएडा में मुआवजा दर 4125 रुपये प्रति वर्गमीटर है। इसलिए किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा और यीडा के बीच ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे भी गुजर रहा है। दोनों प्राधिकरण के बीच 130 मीटर सड़क की कनेक्टिविटी के लिए पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर फ्लाइओवर या अंडरपास के निर्माण की भी जरूरत होगी, इसलिए यीडा चाहता है कि एनएचएआइ इस सड़क का निर्माण करे।
यीडा का अनुमान है कि सड़क निर्माण के लिए तकरीबन 1700 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। सड़क के लिए 812 एकड़ जमीन क्रय करनी होगी। इस सड़क से गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की भी कनेक्टिविटी हो जाएगी। यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सहमति बनने के बाद ही सड़क निर्माण के लिए एनएचएआइ से आगे वार्ता की जाएगी।