नोएडा और बुलंदशहर के किसानों की बल्ले-बल्ले, यमुना प्राधिकरण ने बढ़ाई जमीन की मुआवजा दर
यमुना प्राधिकरण ने जमीन के मुआवजे की दरों में 6% की वृद्धि की है, जिससे यह 4300 रुपये से बढ़कर ...और पढ़ें

यीडा कार्यालय में 92वीं बोर्ड बैठक मेंं चेयरमैन आलोक कुमार, सीईओ राकेश कुमार सिंह व अन्य अधिकारी। सौ, यीडा
HighLights
यमुना प्राधिकरण ने जमीन मुआवजा दरों में 6% वृद्धि की।
मुआवजा दर 4300 से बढ़कर 4558 रुपये प्रति वर्गमीटर हुई।
यीडा बोर्ड की 90वीं बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में जमीन का मुआवजा बढ़ाने को लेकर किसान आंदोलनरत हैं, वहीं यमुना प्राधिकरण ने एक बार फिर जमीन की मुआवजा दरों का पुनर्निधारण कर दिया है। मुआवजा दर में छह प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
प्रति वर्गमीटर मिलेगा 4558 रुपये मुआवजा
इसके बाद यीडा में जमीन की मुआवजा दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़कर 4558 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई है। सात प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ मुआवजा दर 4037 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। यीडा बोर्ड की सोमवार को हुई 90 वीं बैठक में मुआवजा वृद्धि के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
यह वृद्धि यीडा फेज एक में शामिल
गौतमबुद्ध नगर व बुलंदशहर के लिए लागू होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर होने पर प्रदेश सरकार ने यीडा के अधिसूचित क्षेत्र के लिए भी मुआवजा दर समान करते हुए 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर की थी।
विकास परियोजनाओं को गति देने व औद्योगिक विकास के लिए लैंड बैंक तैयार करने के लिए यीडा ने मुआवजा दरों को पुनर्निर्धारित करते हुए छह प्रतिशत की वृद्धि की है।
यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि किसानों को सहमति से जमीन क्रय पर 4558 रुपये प्रति वर्गमीटर व सात प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ 4037 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा वृद्धि के बाद प्राधिकरण के लिए औद्योगिक विकास एवं ढांचागत विकास के किसानों से जमीन मिलने में आसानी होगी।
आवंटन दरों पर पड़ेगा मुआवजा वृद्धि का असर
जमीन का मुआवजा बढ़ने का असर प्राधिकरण की आवंटन दरों पर भी पड़ेगा। प्राधिकरण ने चालू वित्त वर्ष के लिए इस बार आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की वृद्धि की थी।
किसानों से क्रय की गई जमीन का तकरीबन 55 प्रतिशत ही आवंटन होता है। शेष जमीन हरित क्षेत्र, सड़क समेत अन्य ढांचागत विकास व किसानों के सात प्रतिशत भूखंड में उपयोग होती है। जमीन क्रय महंगा होने पर भविष्य में यीडा क्षेत्र में आवंटन दर भी बढ़ना तय है।
