नोएडा में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए YEIDA का नया मास्टरप्लान, 35 लाख आबादी को होगा फायदा
यमुना प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों में पानी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नहरों के माध्यम से गंगाजल की आपूर्ति करेगा। ...और पढ़ें

यमुना प्राधिकरण नहरों से गंगाजल की आपूर्ति करेगा। इमेज एआई
HighLights
यमुना प्राधिकरण नहरों से गंगाजल की आपूर्ति करेगा।
औद्योगिक, आवासीय क्षेत्रों की पानी की मांग पूरी होगी।
भूजल बचेगा, नियमित जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। उद्योग एवं आवासीय सेक्टरोंं में पानी की मांग को यमुना प्राधिकरण गंगाजल से पूरी करेगा। प्राधिकरण क्षेत्र में सिंचाई के लिए मौजूद नहरों को ही इसके लिए उपयोग में लाया जाएगा। सेक्टरों में रिजर्व वायर बनाकर पानी को एकत्र किया जएगा।
इस पानी को शोधन के बाद आपूर्ति की जाएगी। प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग के साथ मिलकर परियोजना की रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है।
यमुना प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2041 के अनुसार, आबादी 35 लाख होेगी। इस आबादी की पेयजल की आपूर्ति प्राधिकरण के लिए बनी चुनौती होेगी। जेवर पहले से ही अतिदोहित श्रेणी में है। इसलिए भूजल का दोहन से आबादी की पानी की मांग को पूरा करना मुश्किल होगा।
इसके अलावा प्राधिकरण क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट, इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंंग क्लस्टर, मेडिकल डिवाइस पार्क समेत विभिन्न औद्योगिक पार्क विकसित हो रहे हैं। औद्योगिक सेक्टरों में भी पानी की जरूरत होगी। इस जरूरत को पूरा करने के लिए यीडा नहरों के पानी का उपयोग करेगा।
दरअसल यीडा क्षेत्र में अभी तक कृषि प्रमुखता से होती रही है। फसल की सिंचाई के लिए क्षेत्र में नहरों का नेटवर्क बना हुआ है। औद्योगिक विकास के लिए जमीन अधिगृहीत होने के कारण सिंचाई के लिए नहरोंं की जरूरत समाप्त हो जाएगी। लेकिन नहरोंं के इस नेटवर्क को प्राधिकरण शहर में जलापूर्ति के लिए उपयोग करना चाहता है।
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इस परियोजना पर प्राधिकरण बोर्ड की स्वीकृति के बाद सिंचाई विभाग के साथ मिलकर काम भी शुरू कर दिया गया है। एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि यीडा क्षेत्र में नहरों का नेटवर्क यीडा सिटी में आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों मेंं पानी की मांग को पूरा करने के लिए काफी फायदेमंद है।
इसलिए नहरों के इस नेटवर्क को बचाकर रखा जाएगा। इसके पानी को रिजर्व वायर मेंं एकत्र किया जाएगा। जरूरत पर पानी की शोधन कर उसकी सेक्टरों में आपूर्ति की जाएगी। इससे भूजल की बचत होगी। नियमित रूप से पानी की उपलब्धता भी बनी रहेगी।
एयरपोर्ट के लिए पानी की मांग रेनी वैल से हो रही पूरी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पानी की जरूरत के लिए रेनी वैल बनाए गए हैं। छह एमएलडी क्षमता के रेनी वैल से अभी तीन एमएलडी पानी की आपूर्ति एयरपोर्ट को होगी। जैसे-जैसे एयरपोर्ट के लिए पानी की जरूरत बढ़ेगी, रेनीवैल की अतिरिक्त क्षमता का उपयोग किया जाएगा।