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    करोड़ों का घोटाला: डीआईओएस दफ्तर के आरोपी इल्हाम शम्सी की सफाई खारिज, अब सेवा समाप्ति की तलवार

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 06:58 PM (IST)

    डीआईओएस कार्यालय में करोड़ों के गबन के आरोपी इल्हाम शम्सी का स्पष्टीकरण प्रबंध समिति को असंतोषजनक लगा। उन्हें दूसरा नोटिस जारी किया गया है और संतोषजनक ...और पढ़ें

    करोड़ों का घोटाला करने वाला निलंबित कर्मचारी इल्‍हाम शम्सी

    करोड़ों का घोटाला करने वाला निलंबित कर्मचारी इल्‍हाम शम्सी

    HighLights

    1. विद्यालय प्रबंध समिति के समक्ष खुद को बताया निर्दोष

    संवाद सहयोगी, बीसलपुर (पीलीभीत)। डीआइओएस कार्यालय में करोड़ों के घोटाले के आरोपित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी ने जारी हुए आरोप पत्र में प्रबंध समिति को जवाब भेज कर अपने आप को निर्दोष बताया है। जवाब से असंतुष्ट होकर प्रबंध समिति ने सेवाएं समाप्त करने से पहले फिर से उसे नोटिस जारी कर सही जवाब देने के लिए कहा है।

    बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कालेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी पिछले कई वर्षों से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबंध है। उन पर वेतन बिल में हेराफेरी कर करोड़ों का घोटाला करने का आरोप है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े सरकारी धन के घोटाले में शासन स्तर से कार्रवाई तेज कर दी गई है।

    आरोपित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कराने की कार्रवाई को पूर्ण कराने को उप शिक्षा निदेशक बरेली मंडल बरेली रामाज्ञा कुमार को निर्देश जारी किए गए, जिसके अनुपालन में उनके द्वारा विद्यालय प्रबंध समिति को पत्र भेजकर आरोपित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए गए।

    पिछले दिनों प्रबंध समिति की ओर से इल्हाम शम्सी पर लगाए आरोपों का आरोप पत्र तैयार कर जवाब मांगा गया था। दूसरी बार नोटिस भेजने पर इल्हामम शम्सी ने प्रबंध समिति को अपना जवाब भेज कर अवगत कराया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उनकी ड्यूटी वेतन टोकन जारी करने पर लगी हुई थी।

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    घोटाला करने के सारे आरोप में बुनियाद है। प्रबंध समिति जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ घोटाले की धनराशि पत्नी व रिश्तेदारों के खाते में भेजे जाने के आरोप के संबंध में सटीक जवाब नहीं दिया।

    सेवाएं समाप्त करने से पहले प्रबंध समिति ने निलंबित कर्मचारियों को अपना जवाब देने के लिए अंतिम अवसर का नोटिस फिर से जारी किया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीन सक्सेना ने बताया कि जवाब न आने पर उक्त कर्मचारी पर लगाए गए आरोपी को सही मान लिया जाएगा, उसी के आधार पर सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई होगी।

    विद्यालय प्रबंधक अमरीश सक्सेना ने बताया कि निलंबित कर्मचारी को पक्ष रखने के लिए अंतिम अवसर दिया। इसके बाद प्रबंधन समिति द्वारा उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी।

    डीएम के निर्देश पर 13 फरवरी को कोतवाली में इस मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपित को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली हुई है।

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