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    स्मार्ट सिटी के दौर में 'हाथ और सीटी' के भरोसे पीलीभीत; 30 हजार गाड़ियां और ट्रैफिक सिस्टम का ये हाल

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 05:21 PM (IST)

    पीलीभीत में बढ़ती आबादी और 30 हजार से अधिक वाहनों के बावजूद यातायात व्यवस्था आज भी पुलिसकर्मियों के हाथ और सीटी पर निर्भर है। शहर में स्वचालित सिग्नल ...और पढ़ें

    पीलीभीत के गौहनिया चौराहा पर हाथ हिलता और सीटी बजाते हुए गार्ड। जागरण

    पीलीभीत के गौहनिया चौराहा पर हाथ हिलता और सीटी बजाते हुए गार्ड। जागरण 

    HighLights

    1. दो लाख से अधिक हुई शहर की आबादी, 30 हजार से अधिक वाहन

    जागरण संवाददाता, पीलीभीत। एआई और सीसीटीवी निगरानी के दौर में भी शहर की यातायात व्यवस्था आज भी पुलिस कर्मियों के हाथ और सीटी के भरोसे ही चल रही है। शहर के प्रमुख चौराहों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों, स्कूल और अस्पताल के पास तैनात जवान वाहनों को नियंत्रित करने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं।

    तकनीक के इस जमाने में जब दूसरे शहरों में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम काम कर रहे हैं, तब यहां अब भी पुराने तरीके से ही जाम से जूझना पड़ रहा है। शहर की आबादी दो लाख से अधिक हो चुकी है और वाहनों की संख्या 30 हजार के पार पहुंच गई है, जिसमें करीब पांच हजार ई-रिक्शा शामिल हैं। इसके बावजूद अब तक किसी भी प्रमुख चौराहे पर स्वचालित ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगाए जा सके हैं।

    यातायात विभाग के पास कुल 60 कर्मी हैं, जो जिले के अन्य स्थानों पर भी तैनात है। लेकिन बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण सुबह और शाम के समय शहर के मुख्य मार्ग जाम की चपेट में रहते हैं। पुलिस कर्मियों को सीटी बजाकर और हाथ के इशारे से वाहनों को पास कराना पड़ता है, इससे एक साथ कई तरफ से आने वाले ट्रैफिक को संभालना मुश्किल हो जाता है।

    यातायात विभाग का कहना है कि सिग्नल व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन योजना अभी कागजों तक ही सीमित है। समस्या सिर्फ सिग्नल की नहीं है। शहर में कोई व्यवस्थित टैक्सी स्टैंड नहीं है, जिस कारण चालक मनमाने स्थानों पर वाहन रोककर सवारी बैठाते और उतारते हैं।

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    इससे चौराहों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है और जाम की स्थिति और बिगड़ जाती है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए अब एआई आधारित कैमरे, स्मार्ट सिग्नल और पार्किंग व्यवस्था को लागू करना समय की जरूरत है। अन्यथा हाथ और सीटी वाली व्यवस्था आने वाले समय में और चुनौतीपूर्ण होती जाएगी और आम लोगों को रोजाना जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा।

     

    शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कैमरों की व्यवस्था की जा रही है, स्मार्ट सिग्नल के लिए लिए पत्राचार किया गया है। अभी कोई आदेश नहीं आया है। निर्देश मिलने पर आगे के कार्य के लिए तैयारी की जाएंगी।

    - राघवेंद्र सिंह चौहान, टीएसआई


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