पीलीभीत हत्याकांड: कशिश को मौत के घाट उतार खुद का गला रेतने चला था सनकी आशिक; सुरक्षाकर्मी की एक लात ने बिगाड़ा प्लान
पीलीभीत में एकतरफा प्यार में सनकी आशिक सागर ने सहपाठी कशिश पटेल की चाकू मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को भी खत्म करने की कोशिश की। चीख-पुकार सुनकर पहुं ...और पढ़ें

जिला अस्पताल में घटना के बाद पकड़ा गया आरोपित और पुलिस कर्मी के हाथ में कपड़े में लिपटा चाकू स्रोत तीमारदार
HighLights
पहले इमरजेंसी में कशिश को इमरजेंसी में देखने गया था हत्यारोपित सागर
वैभव मिश्रा, पीलीभीत। दिलों के दरमियान जब सनक हावी हो जाए तो उससका अंजाम बेहद खौफनाक और दर्दनाक हो जाता है। एकतरफा प्यार के जूनून की सनक में आरोपित सागर सहपाठी कशिश पटेल की हत्या कर ठीक बाद वह खुद को भी खत्म कर लेना चाहता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
चीख-पुकार सुनकर बाहर के सुरक्षाकर्मी सहित अन्य जब अंदर दौड़े, तो मंजर खौफनाक था। कशिश लहू-लुहान गिर चुकी थी और पकड़ाए जाने के डर से सागर खुद अपनी गर्दन पर चाकू मार कर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश में था, जिसको बचा लिया गया, क्योंकि उसको सजा कानून देगा।
सागर पहले से ही अस्पताल में कशिश पर नजर रख रहा था। कशिश परिसर में सुबह करीब साढ़े आठ बजे तक पहुंच जाती थी। अपना बैग सहेलियों के साथ इमरजेंसी में रखती थी और वहीं सहपाठियों के साथ खाना भी खाती थी। मंगलवार को भी कशिश ने बैग इमरजेंसी में रखा और ड्यूटी के लिए सीटी स्कैन रूम चली गई थी।
सागर पहले इमरजेंसी के गेट पर काफी देर तक उसे देखता रहा, इस दौरान उसके पास बैग नहीं था। इसके बाद वह मौके की तलाश में सीटी स्कैन रूम पहुंचा। जब उसने कशिश को अकेला देखा उसके बाद वह इमरजेंसी के पास रखे कहीं से बैग को लेकर गया, जिसमें चाकू रखा था।
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इसके बाद उसने कशिश पर हमला किया, चीखने पर उसकी सहपाठी निधि दौड़कर आई और उसे बचाने लगी। आरोपित ने इस दौरान कशिश के गले पर वार किया और निधि पर भी चाकू चला दिया। निधि बाल-बाल बची। शोर सुनकर बाहर तैनात दो सुरक्षाकर्मी अंदर पहुंचे।
उन्होंने देखा कि सागर पकड़े जाने के डर से खुद की गर्दन पर चाकू मारने की कोशिश ही कर रहा था। इसी दौरान पहुंचे सुरक्षाकर्मी ने फुर्ती दिखाई और सागर के हाथ पर जोर से लात मारी, इससे वह चाकू छिटककर नीचे गिर गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत खून से सने चाकू को सुबूत के तौर पर कपड़े में लपेट कर रख लिया और हत्यारे सागर को दबोच लिया।
खून से सने चाकू को कपड़े में लपेटकर सबूत के तौर पर रख लिया गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपित को हिरासत में ले लिया। पकड़े जाने के बाद गुस्साए सुरक्षा कर्मियों ने उसकी पिटाई भी की। पूछताछ में सागर ने बताया कि वह और कशिश एक ही संस्थान में पढ़ते थे। पिछले कुछ दिनों से सागर का व्यवहार बदला हुआ था। वह अक्सर अल्ट्रासाउंड सेंटर के पास चक्कर लगाता दिखता था।
सोमवार को दोस्त से फोन पर कहा था कि कशिश अब उससे बात नहीं करती। इसी बात से वह तनाव में था और उसने यह कदम उठाया। बुधवार को पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल चाकू और उसका मोबाइल बरामद किया। मोबाइल की फारेंसिक जांच की जा रही है। कानूनी कार्रवाई पूरी कर सागर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।