पीलीभीत: एकतरफा प्यार में सहपाठी ने जिला अस्पताल के अंदर छात्रा को चाकू से गोदा, इलाज के दौरान मौत
पीलीभीत के जिला अस्पताल में एकतरफा प्यार में सहपाठी ने छात्रा कशिश पटेल को चाकू से गोदकर मार डाला। इलाज के दौरान बरेली में छात्रा की मौत हो गई, जबकि ए ...और पढ़ें

मृतक छात्रा कशिश
HighLights
जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में हुई वारदात, महिला कर्मचारी घायल
जागरण संवाददाता, पीलीभीत/कानपुर। मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल के सिटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल टेक्निशियन की प्रथम वर्ष की छात्रा कशिश पटेल की सहपाठी सागर ने गर्दन और पेट पर ताबड़तोड़ वार किए। वह मदद के लिए चीखी और बचकर भागने का प्रयास किया मगर, लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़ी तो उठ न सकीं।
आवाज सुनकर बचाने दौड़ी महिला कर्मचारी निधि पर भी सागर ने हमला कर दिया, उसके बाएं हाथ की कलाई पर चाकू लगने से घायल हो गई। लहूलुहान छात्रा और कर्मचारी को अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती किया गया, हालत गंभीर होने पर कशिश को बरेली के निजी मेडिकल कालेज में रेफर किया गया, वहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
आरोपित ने पुलिस ने हिरासत में मृतका से प्रेम संबंध के दौरान एक महीने से बात नहीं होने पर घटना को अंजाम देने की बात कही है। आरोपित एकतरफा प्यार में छात्रा पर दबाव बना रहा था।
बरेली जिले केसरपुर गांव की निवासी कशिश पटेल 24 वर्ष मेडिकल कालेज में सीटी स्कैन टेक्निशियन का कोर्स कर रही थी। वह पिछले 10 महीने से पीलीभीत में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे वह जिला अस्पताल के सिटी स्कैन कक्ष में मौजूद थी। उसी समय उसका सहपाठी कानपुर देहात के मेडुआ अरौल गांव निवासी सागर सिंह वहां पहुंचा।
सागर मेडिकल कालेज में एक्स-रे टेक्निशियन का कोर्स कर रहा है। दोनों के बीच एक माह पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। स्वजन की बीच-बचाव में वार्ता भी हुई थी। छात्रा ने सागर से किसी प्रकार के संबंध से इन्कार कर दिया था। उसी रंजिश में सागर सुबह बैग में चाकू लेकर पहुंचा और कहासुनी के बाद हमला कर दिया।
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कशिश जान बचाकर भागी तो सागर ने दौड़ाकर वार किए। कक्ष में मौजूद महिला कर्मचारी निधि ने बीच-बचाव किया तो आरोपित ने उस पर भी चाकू चला दिया। चीख-पुकार सुनकर सुरक्षा कर्मी और छात्र मौके पर पहुंचे और आरोपित को पकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल कशिश और महिला कर्मचारी को इमरजेंसी में लाया गया।
उपचार के बाद कशिश को बरेली के अस्पताल रेफर कर दिया। दोपहर करीब दो बजे इलाज के दौरान कशिश की मृत्यु हो गई। महिला कर्मचारी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
सूचना पर एसपी सुकीर्ति माधव, एएसपी विक्रम दहिया, सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा और सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल मौके पर पहुंची्, उन्होंने निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपित सागर को हिरासत में लेकर पूछताछ की उसने बताया कि वह लंबे समय से कशिश से बात करता था, एक माह से दोनों की बात बंद हो गई। इससे वह परेशान रहता था। वहीं, कालेज में पढ़ रहे छात्र छात्राओं ने जमकर हंगामा भी किया।
बेटे ने जो किया, उसे उसकी सजा मिले
वहीं मेड़ुआ गांव निवासी आरोपित सागर के पिता राम औतार गौतम राजमिस्त्री और मां माया देवी ग्रहणी हैं। उनके पांच बच्चे हैं। बड़े बेटे तेज सिंह और बेटी नीतू का विवाह हो चुका है। तेज सिंह लोडर चलाते हैं। वहीं तीसरे नंबर की बेटी नीतू नर्सिंग का कोर्स करने के बाद दो वर्ष से फतेहपुर के किसी अस्पताल में नौकरी कर रही है।

चौथे नंबर की अंशिका भी बीएससी करने के बाद अरौल के प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रही है। वहीं सागर इंटर करने के बाद एक्स-रे टेक्निशियन का कोर्स करने पीलीभीत गया था।
पिता राम औतार ने बताया कि कुछ दिन पूर्व सागर राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नीट) देने घर आया था और दो दिन रुकने के बाद पढ़ाई की बात कहते हुए वापस लौट गया था। उसने प्रेम संबंध की कोई चर्चा नहीं की थी। पिता राम औतार और परिवार के लोग सागर की इस हरकत से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा की लड़के ने जो किया है उसे उसकी सजा मिलनी चाहिए। मरने वाली बेटी भी उनके बेटी जैसी थी।