पीलीभीत पैरामेडिकल छात्रा मर्डर केस: 'अगर शिकायत नहीं दबाई होती, तो ज़िंदा होती बेटी...' प्राचार्य पर भड़के परिजन
पीलीभीत में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या के बाद परिजन प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सागर के खिला ...और पढ़ें

जिला अस्पताल के सीएमएस कार्यालय में मृतक छात्रा के स्वजन से वार्ता के दौरान मौजूद गार्ड। जागरण
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घटना के 29 घंटे बाद अस्पताल पहुंचीं प्राचार्य डाॅ. संगीता अनेजा, स्वजन ने लगाए लापरवाही के आरोप
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या के करीब 29 घंटे बाद बुधवार को प्राचार्य डा. संगीता अनेजा अस्पताल पहुंची। प्राचार्य के देर से पहुंचने और मामले में लापरवाही को लेकर मृतका के स्वजन ने नाराजगी जताई और उन्हें सीधे जिम्मेदार ठहराया।
बुधवार को कशिश के पिता रोहताश, मां गिरजा देवी, भाई आशीष पटेल और चाचा विकास कुमार पटेल भी अस्पताल पहुंचे। स्वजन ने प्राचार्य से घटना की जानकारी ली और सवाल किया कि बेटी ने पहले ही आरोपित सागर की शिकायत की थी तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
स्वजन ने कहा कि यदि समय रहते शिकायत पर ध्यान दिया जाता तो उनकी बेटी आज जिंदा होती। इस पर प्राचार्य ने शिकायत दबाने की बात से साफ इन्कार कर दिया। स्वजन का कहना है कि बेटी को मारकर शिकायत को दबाया जा रहा है।
चाचा विकास कुमार पटेल ने कहा कि घटना से पहले भी कशिश ने प्राचार्य से सागर की शिकायत की थी। बताया कि उन्हें छात्रों ने बताया कि शिकायत के बाद सागर को सिर्फ 15 दिन का अवकाश देकर छोड़ दिया गया था।
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इसी लापरवाही का नतीजा है कि उसने अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में घुसकर चाकू से हमला कर दिया। स्वजन ने कहा कि यह पूरी तरह प्राचार्य डाॅ. संगीता अनेजा की लापरवाही है और इसके लिए प्राचार्य को जवाब देना होगा।
अब वह पुलिस से लिखित शिकायत देकर प्राचार्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराएंगे। आराेप है कि बात बढ़ने पर प्राचार्य ने दबाव बनाने के लिए अस्पताल में तैनात गार्ड को भी बुला लिया। लेकिन स्वजन प्राचार्य के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नाराजगी जताते हुए कार्यालय से बाहर आ गए। कहना है कि संस्थान में सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है।