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    बर्खास्त कर्मचारी की आत्महत्या के बाद हड़कंप, सुसाइड नोट के आधार पर EO और चेयरमैन प्रतिनिधि पर मुकदमा दर्ज

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 09:10 PM (GMT+05:30)

    बीसलपुर में बर्खास्त कर्मचारी उपेंद्र कुमार की आत्महत्या के बाद उनके भाई की शिकायत पर ईओ शमशेर सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल सहित पांच लोगों प ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक चित्र

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    1. मृतक उपेंद्र के भाई अनुराग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया मामला

    संवाद सहयोगी, बीसलपुर (पीलीभीत)। नगर पालिका में टैक्स घोटाले में बर्खास्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सोमवार शाम फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मृतक ने पांच पेज का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें पालिका के ईओ शमशेर सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल उर्फ निक्की समेत पांच लोगों अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने भाई अनुराग शर्मा की शिकायत पर ईओ, चेयरमैन प्रतिनिधि समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

    नगर के मुहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी उपेंद्र कुमार शंखधार 17 फरवरी 2004 से नगर पालिका में तैनात थे। सितंबर 2025 में गृहकर व जलकर वसूली में 30 लाख से अधिक के गबन के आरोप में ईओ शमशेर सिंह की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था। उपेंद्र, जितेंद्र और रामनिवास को जेल भेजा गया था और तीनों को उस दौरान बर्खास्त कर दिया गया था।

    स्वजन का आरोप है कि रसीद काटने का अधिकार न होने के बावजूद चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल ने उपेंद्र से अवैध वसूली कराई। एक रसीद पूरी होने पर ही दूसरी दी जाती थी। अनुराग शर्मा ने बताया कि मामले में जबरन 23 लाख रुपये की रिकवरी निकाली गई। 29 सितंबर 2025 को छह लाख और छह अक्टूबर 2025 को 17 लाख रुपये पालिका के आईसीआईसीआई खाता में जमा कराए गए।

    इसके बावजूद उपेंद्र व जितेन्द्र को जेल भेज दिया गया। आरोप है कि ईओ और अमन जायसवाल ने मृतक को गुप्त जगह बुलाकर पीटा और पेशाब पिलाया। इसके बाद 30 लाख रुपये की मांग की गई। ईओ ने कहा कि एसडीएम, एडीएम सबको पैसा देना होता है और कोर्ट में पक्ष में बयान देंगे।

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    डरकर भाई ने पत्नी के गहने बेचकर और लोन लेकर 19 लाख रुपये पांच बार में और बैंक आफ बड़ौदा के दो चेक ईओ के आवास बाजार कटरा पर दिए। ईओ ने आठ लाख रुपये और मांगे। कई तारीखों पर न ईओ आए न वकील। रुपये वापस मांगने पर गालियां देकर भगा दिया। ईओ ने बताया था कि बुलंदशहर में ईओ रहते एक जेई ने उनकी प्रताड़ना से आत्महत्या की थी, कुछ नहीं हुआ।

    22 जून 2026 को 15 दिन में पैसा जमा न करने पर आरसी काटने का नोटिस भी भेजा गया। बाबू अकरम खां, एकाउंटेंट संजीव मिश्रा और यासीन मोहम्मद भी धमकाते रहे। इन सब झंझटों से बचने के लिए उपेंद्र ने शाहजहांपुर के गांव रजपुरी में 20 बीघा जमीन बेच दी।

    सोमवार को मिले सुसाइड नोट में छह लाख 19 हजार रुपये रिश्वत देने और प्रताड़ना का जिक्र किया है। पुलिस ने पांच पेज का नोट कब्जे में लिया है। प्रभारी निरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि अनुराग शर्मा की शिकायत के आधार पर ईओ शमशेर सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल, अकरम खां, यासीन मोहम्मद और संजीव मिश्रा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


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