भांजे को ढूंढने निकला था, फिर दिल्ली विधानसभा में क्यों तोड़ा बैरियर? पीलीभीत के सरबजीत की पूरी कहानी
पीलीभीत के सरबजीत सिंह ने दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोड़ा। वह लापता भांजे को ढूंढने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन अपने रिश्तेदारों को गुरुद्वारे म ...और पढ़ें

पूरनपुर स्थित आरोपित सर्वजीत का घर और इनसेट में घटना के बारे में बताती आरोपित सरबजीत कौर की मां
HighLights
लापता भांजे को तलाशने के बहाने दिल्ली गया था सरबजीत सिंह
गुरुद्वारा में दो रिश्तेदारों को छोड़कर जबरन दिल्ली विस परिसर में घुसा
संवाद सहयोगी, पूरनपुर (पीलीभीत)। बैरियर तोड़कर दिल्ली विधानसभा परिसर में घुसने वाला सरबजीत सिंह लापता भांजे को तलाशने की बात कहकर घर से रवाना हुआ था। स्थानीय पुलिस उसकी पृष्ठभूमि की जानकारी जुटा रही है। आरंभिक जांच में उसका आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला मगर, गतिविधियां संदिग्ध थीं। वह अक्सर पड़ोसियों पर उग्र हो जाता था। मां और भाई से अलग मकान में रहने लगा था।
आरोपित सरबजीत का परिवार कई वर्ष पहले पंजाब से पूरनपुर के सिंहपुर गांव मे बस गया। वहां फार्म हाउस बना लिया था। एक वर्ष पहले सरबजीत सिंह पूरनपुर कस्बा में नया मकान बनवाकर रहने लगा। उसकी मां महेंद्र कौर व बड़ा भाई फार्म हाउस में ही रहता है। दोपहर को स्थानीय पुलिस उसके फार्म हाउस पहुंची तो मां महेंद्र कौर ने कहा कि वह बहकी बातें करता था।
उसके पहले पंजाब, फिर शाहजहांपुर में उपचार कराया जा रहा था। उन्होंने बताया कि गोला गोकर्णनाथ निवासी सरबजीत का भांजा हरमनदीप सिंह दिल्ली में बीटेक कर रहा था। वह एक अप्रैल को लापता हो गया था। यह बात सरबजीत को पता चली तो उसने बहनोई हरजीत सिंह से फोन पर संपर्क किया।
इसके बाद तीन अप्रैल को सरबजीत भतीजे रवदीप सिंह, सकरिया निवासी दूसरे भांजे जयदीप सिंह को लेकर घर से रवाना हुआ था। उसका कहना था कि लापता भांजे हरमनदीप को तलाशने जा रहा है। वे तीनों रविवार रात तक बरेली में रुके। सोमवार सुबह को दिल्ली रवाना हो गए। वहां दिल्ली के आनंदपुर साहिब गुरुद्वारा में रवदीप व जयदीप को छोड़ दिया।
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सरबजीत ने उन दोनों से कहा कि कुछ जरूरी काम से जा रहा था, इसके कुछ देर बाद विधानसभा परिसर में घुसने की सूचना आई गई। सीओ डा. प्रतीक दहिया ने बताया कि पूरनपुर थाना प्रभारी पवन कुमार पांडेय व सेहरामऊ उत्तरी थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह को सरबजीत के घर भेजा था।
उसके कस्बा स्थित घर में पत्नी व 10 वर्षीय बेटा मिला। उन लोगों को दिल्ली के घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी। गांव में उसकी मां को भी नहीं पता कि वह विधानसभा का बैरियर तोड़कर क्यों घुसा। पड़ोसियों ने बताया कि सरबजीत छोटी-छोटी बातों पर उग्र हो जाता था। वह हनक दिखाता था कि उसके कई नेताओं व मंत्रियों से घनिष्ठ पहचान है।
उसने दो महीने पहले टाटा सिएरा कार खरीदी थी। उसी से दिल्ली गया था। कार बेहद तेज गति से चलाने के कारण कई बार छोटे हादसे भी हो चुके थे। इसके बावजूद उसके स्वभाव में परिवर्तन नहीं आया था। खेती की भरपूर जमीन होने के कारण उसकी अच्छी आय है।
पूरनपुर में छिपे से पंजाब से भागे तीन खालिस्तानी समर्थक
जिले के पूरनपुर क्षेत्र में एक बार फिर चर्चा में है। वर्ष 2023 में पंजाब में पुलिस पर हमला कर खालिस्तान समर्थक अमृतपाल पूरनपुर से स्कार्पियो लेकर नेपाल भागा था। दिसंबर 2024 में पंजाब से भागे तीन खालिस्तानी समर्थक भी पूरनपुर में छिपे थे, उनका एनकाउंटर किया गया था। अब सोमवार को दिल्ली विधानसभा का घटनाक्रम भी पूरनपुर से जुड़ गया।
दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोड़ने के आरोपित सरबजीत सिंह की गतिविधियों की प्रत्येक जानकारी जुटाई जा रही है। आरंभिक जांच में उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला मगर, उसकी फोन काल डिटेल, लोकेशन आदि पता की जा रही। इसके जरिये मालूम किया जाएगा कि वह किन लोगों के संपर्क में रहता था। दिल्ली पुलिस भी उससे पूछताछ कर रही है। उसके घर पुलिस तैनात कर दी गई है।
- सुकीर्ति माधव, एसपी, पीलीभीत
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