पीलीभीत सीट का रिपोर्ट कार्ड: मेडिकल कॉलेज से फ्लाईओवर तक काम हुए, पर रोजगार और मझोला चीनी मिल के वादों का क्या हुआ?
पीलीभीत विधानसभा सीट के रिपोर्ट कार्ड में सड़क, चिकित्सा और शिक्षा में प्रगति दिखी, लेकिन रोजगार और मझोला चीनी मिल जैसे वादे अधूरे रहे। एबी मौरी कंपनी ...और पढ़ें

संजय सिंंह गंगवार
HighLights
भरा पचपेड़ा और एबी मौरी कंपनी स्थापित होने से जागी रोजगार की आस, मझोला चीनी मिल शुरू न होने से टूटी
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पार्टी और प्रत्याशी की छवि के साथ ही चुनाव में जीत-हार का सबसे अहम कारण मुद्दे होते हैं। वे मुद्दे जिनसे जन का जीवन जुड़ा होता है। सड़क, पानी, पुल-पुलिया, यातायात, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार हमेशा लोगों की जरूरतों से सीधे जुड़े होते हैं। सदर सीट पर खासताैर पर ये मुद्दे कई बार प्रभावी भी साबित होते हैं।
अगर पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए तो सड़क, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि मुद्दों पर तो काम हुआ है, लेकिन रोजगार पिछड़ गया, जबकि पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के रोजगार और उनके पलायन का मुद्दा सबसे प्रमुखता से लाेग उठाते रहे।
हजारों बेरोजगार युवा हर वर्ष रोजगार की खातिर अन्य शहरों, प्रांतों और देशाें में रोजगार की तलाश में जाते हैं। सैकड़ों-हजारों युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा जाता है। टूरिस्ट वीजा से भेजे जाने वाले तमाम युवा तो विदेशों में ऐसे फंस जाते हैं कि वापस आने के लिए भी सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ता है।
पिछले कुछ वर्षाें में कई मामले सामने आए हैं। वहीं, उद्योगों को स्थापित करने के नाम पर लोगों को रोजगार से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर प्रभावी नजर नहीं आते हैं।
पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान संजय सिंह गंगवार ने भी आमजनों को सस्ता और अच्छा इलाज कराने के लिए राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना कराने का वादा किया था, जो बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में स्थापित हुआ। मेडिकल कालेज तो बन गया, लेकिन कई स्वास्थ्य सेवाएं अब भी वहां नहीं मिल रही हैं।
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यहां से मरीजों को अक्सर रेफर कर दिया जाता है। क्षेत्र के युवाओं को नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए राजकीय नर्सिंग कालेज की स्थापना भी शुरू कराया गया। ललित हरि राजकीय आयुर्वेदिक कालेज में जर्जर छात्रावास के स्थान पर छात्रों को रहने के लिए नवनिर्मित छात्रावास भी बनाया गया, जिससे बाहर से आने वाले छात्रों को आसानी के साथ रहकर पढ़ाई करने में आसानी होगी।
अर्से से बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को संचालित करने का वादा भी पूरा नहीं हो पाया। हालांकि, इसका मुख्य कारण सर्वे में गन्ना रकबे की उपलब्धता ना होने को माना गया। इसके एवज में बहेड़ी बार्डर के पास त्रिवटीनाथ शुगर मिल को खोला, जिससे गन्ना किसान वहां भी सप्लाई कर सकते हैं।
बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए भरा पचपेड़ा उद्योगों की स्थापना कराई गई, जिसमें एशिया का सबसे बड़ा शीरा प्लांट एबी मौरी कंपनी ने लगाया, जो शुरू होने की कगार पर पहुंच चुका है। इससे युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के मौके मिलने की उम्मीद जागी है।
आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के क्रम में आसाम रोड पर फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य पूरा हो गया, जिससे अवागमन बेहतर होने लगा। यही नहीं, शहर में प्रथम 12 मंजिला पुलिस हास्टल का निर्माण होने से पुलिस कर्मियों को बड़ी राहत मिली है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टेंट सिटी के निर्माण की मंजूरी पर्यटन विभाग से मिली है, जो अभी धरातल पर नहीं उतर सका है। जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त रोडवेज बस स्टेशन के नव निर्माण की मंजूरी मिल गई है, लेकिन उसके लिए धनराशि आवंटित न होने की वजह से काम शुरू नहीं हो पाया है।
इसी तरह भंगा मोहम्मदगंज में पुल के निर्माण कराने का वादा भी अधर में लटका है, क्योंकि पुल के नवनिर्माण की मंजूरी मिल गई, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। राजनीतिक दलों के विशेष वोट बैंक और प्रत्याशियों की छवि के साथ ही रोजगार जैसे मु्द्दे बेहद अहम साबित होते हैं।
वर्ष 2022 में हुए विधान सभा चुनाव के दौरान क्षेत्र की जनता से जो चुनावी वादे किए उनमें अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया। अब आने वाले वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए उनका फोकस विशेष तौर पर क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को अपने ही शहर में रोजगार दिलाने का होगा, ताकि हमारे यहां के युवा दूसरे जनपदों या प्रांतों में जाकर रोजगार के लिए नहीं भटके। इसके लिए एबी मौरी शीरा फैक्ट्री स्थापित कराई गई। भरा पचपेड़ा में औद्यौगिक इकाइयों की स्थापना का कार्य निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। सर्वे में गन्ने की उपलब्धता न होने की वजह से मझोला चीनी मिल का संचालन शुरू नहीं हो सका।
- संजय सिंह गंगवार, गन्ना राज्य मंत्री
हमारा जिला बाढ़ग्रस्त रहता है, जबकि बाढ़ से बचाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके हैं। प्रदेश के गन्ना मंत्री होने के बावजूद जिले के गन्ना किसानों का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। मझोला चीनी मिल को संचालित कराने के लिए भी कहा था, लेकिन अब तक शुरू होना तो दूर, उस दिशा में कोई काम नहीं किया जा सका। भाजपा के पीलीभीत विधायक संजय सिंह गंगवार पारदर्शिता और जवाबदेही के नाम पर पूरी तरह से शून्य साबित हुए। विधायक के सारे वादे ढकोसले साबित हुए।
- शाने अली, बसपा प्रत्याशी
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