हजारा पुल से दूर होगी लाखों की दुश्वारी, पर चीनी मिल और नए ब्लॉक की आस अब भी बाकी
Uttar Pradesh MLA Report Card: पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान के रिपोर्ट कार्ड में शारदा नदी पर पुल निर्माण जैसी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन चीनी मिल के व ...और पढ़ें

विधायक बाबूराम पासवान
HighLights
पूरनपुर क्षेत्र में चीनी मिल सुदृढ़ीकरण और अग्निशमन केंद्र की स्थापना की आस नहीं हो सकी पूरी
उमेश शर्मा, पूरनपुर (पीलीभीत)। गेहूं, गन्ना और धान की उपज वाला पूरनपुर क्षेत्र जंगल से सटा है। शारदा पर पुल न होने की वजह से हजारा क्षेत्र की आबादी वर्षा में पूरी तरह कट जाती है। पुल बनने से उन लोगों की राह आसान होगी, लेकिन माधोटांडा ब्लाक सृजन की उम्मीद अब भी बाकी है।
नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा, उत्तराखंड की अंतरराज्यीय और शाहजहांपुर व लखीमपुर खीरी की अंतरजनपदीय सीमा स्पर्श करने वाली पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में दो तहसील क्षेत्र आते हैं। कलीनगर और पूरनपुर तहसील वाली विधानसभा में भाजपा विधायक बाबूराम पासवान ने वर्ष 2022 में हुए चुनाव में अपनी प्रतिद्धंदी सपा प्रत्याशी आरती महेंद्र को करीब 27 हजार मतों से पराजित किया था।
जहां इस जीत के पीछे भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों की कड़ी मेहनत थी। वहीं कुछ ऐसे मुद्दे भी थे, जिनके निस्तारण की लोगों को लंबे समय आस थी। लेकिन वे पांच वर्ष बाद भी पूरे नहीं हो सके।
चुनाव के समय विधायक ने शारदा पर पक्का पुल, 50 बेड का महिला अस्पताल, कलीनगर का तहसील भवन, घुंघचाई माडल थाना, सहकारी चीनी मिल का विस्तारीकरण, मुंसिफ कोर्ट की स्थापना, माधोटांडा ब्लाक का गठन, शेरपुर और माधोटांडा को नगर पंचायत बनाने, सड़कों का चौड़ीकरण, अग्निशमन केंद्र की स्थापना आदि कई वादे किए थे।
इनमें से कई वादे लगभग पूरे हो गए हैं। लेकिन माधोटांडा में ब्लाॅक का सृजन, चीनी मिल का विस्तारीकरण, अग्निशमन केंद्र की स्थापना न होने के साथ ही शेरपुर और माधोटांडा को नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल सका। चीनी मिल इस क्षेत्र के लिए एक मात्र सहकारी उद्योग है। इसका विस्तारीकरण न होने से यहां के किसानों की निश्चित ही निजी मिल संचालकों की मनमानी का सामना करना पड़ेगा।
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अग्निशमन केंद्र की स्थापना न होने से प्रत्येक वर्ष गेहूं की सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो जाती है और घर भी आग की भेंट चढ़ जाते हैं। हालांकि, विधायक ने विधानसभा क्षेत्र में चौतरफा हाटमिक्स से सड़कों, बाइपास, नहर के पुलों का निर्माण कराया। गांवों में निधि से सड़कें, हाईमास्ट लाइटें, बिजली घरों में क्षमता वृद्धि कराई।
शिक्षा के लिए इंटर काॅलेज भवन, चिकित्सा के लिए अस्पताल बनवाए। साथ ही मां गोमती उदगम स्थल पर कई योजनाओं के तहत सुंदरीकरण का करोड़ों से कार्य हुआ। धार्मिक स्थलों और श्मशान घाटों का भी सुंदरीकरण कराया गया। सड़कों पर यात्री शेड बनवाए।
नगर में माधोटांडा और शेरपुर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज प्रस्तावित हैं। उधर, विपक्षी दल इसके पूरी तरह उलट है। वह कोई भी विकास न होना बता रहा है। वहीं विकास को लेकर कुछ लोग संतुष्ट हैं तो कुछ लोग असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।
हालांकि, विधानसभा के लिए शारदा नदी पर बन रहा सवा तीन किलोमीटर का पुल दो लाख की आबादी के लिए एक बड़ी सौगात है। इससे जहां एक बड़ी आबादी को आवागमन में सुगमता मिलेगी। वहीं, नेपाल बार्डर तक पहुंचने में आसानी होगी। सामरिक और सुरक्षा की दृष्टि से विधायक के प्रयास से निर्माणाधीन यह पुल मील का पत्थर साबित होगा।
विधानसभा में कोई भी कार्य नहीं किया गया। विकास का इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि माधोटांडा पीलीभीत रोड पर एक पुलिया दो सालों में भी नहीं बन सकी। वर्तमान में जलभराव से रोड पूरी तरह से बंद है। उनके ससुर विधायक स्वर्गीय पीतमराम ने माधोटांडा ब्लाक घोषित कराया था। वह भी नहीं बन सका। सभी जगह मार्ग बंद हैं। कोई भी ऐसा काम नहीं हुआ, जिसका जनता को लाभ मिल सके। यही वजह है कि
- आरती महेंद्र, पूर्व प्रत्याशी सपा।
विधानसभा में चौतरफा विकास कार्य हुए। चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ, पुलों और सड़कों का जाल बिछाया गया। मां गोमती उदगम स्थल, नगर के मंदिरों, नगर के पार्कों, श्मशान घाटों का सुंदरीकरण हुआ। शारदा पर पक्का पुल विकास कार्यों में मील का पत्थर है। सहकारी चीनी मिल का विस्तारीकरण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है। गांव मुजफ्फरनगर में अग्निशमन केंद्र निर्माण को भूमि पूजन हुआ था। उसका धन आवंटन शेष है। अन्य कार्य भी प्रस्ताव में है। उन्हें जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
- बाबूराम पासवान, विधायक, पूरनपुर।
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